अब स्कैमर्स की खैर नहीं, Google का Circle to Search बताएगा मैसेज असली है या नकली
जनजातीय समाज की प्राचीन धरोहर रोहतास गढ़ तीर्थयात्रा को लेकर रोहतास गढ़ तीर्थयात्रा संचालन समिति, गुमला की ओर से सोमवार को होटल बिंदेश में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता में समिति के प्रमुख सदस्य देवेंद्र लाल उरांव, खेदू नायक, सोमेश्वर उरांव, सोनामनी उरांव, राजू उरांव, राजबेल उरांव, चंपा कुमारी, मंगल सिंह भोगता, लक्ष्मीकांत बड़ाइक और इंदू देवी उपस्थित रहे।

संचालन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष रोहतास गढ़ तीर्थयात्रा का 20वां आयोजन आगामी एक फरवरी को किया जाएगा। यह तीर्थयात्रा बिहार के रोहतास जिले में स्थित ऐतिहासिक रोहतास गढ़ किले में आयोजित होती है, जिसे जनजातीय समाज अपने पूर्वजों की अमूल्य धरोहर के रूप में मानता है।
कड़ाके की ठंड से कांपा छत्तीसगढ़, उत्तरी और मध्य इलाकों में कोहरे का असर
समिति ने बताया कि ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, मुगल आक्रमणकारियों के आगमन से पहले रोहतास गढ़ पर उरांव, खरवार और चेरो जनजातीय राजाओं का शासन था। इस काल को उरांव राजा के शासनकाल का स्वर्णकाल माना जाता है। जनश्रुतियों के अनुसार, उरांव समाज का उद्भव इसी रोहतास गढ़ क्षेत्र से हुआ था। उस समय यहां उरांव राजा उरगन ठाकुर का शासन था, जिनके नेतृत्व में जनजातीय समाज ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को मजबूत किया।
छत्तीसगढ़ में निष्क्रिय बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, ‘समाधान योजना’ से मिलेगा नया कनेक्शन
इतिहास के पन्नों में दर्ज कथाओं के अनुसार, रोहतास गढ़ में उरांव समाज की वीरांगनाओं सिनगी दई और कैली दई के नेतृत्व में मुगल पठानों के साथ तीन बार युद्ध हुआ, और तीनों ही युद्धों में उरांव समाज को विजय प्राप्त हुई। हालांकि, बाद के काल में सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उरांव समाज के लोग अपनी इस ऐतिहासिक धरोहर से पलायन करने को विवश हो गए।
सूरज की रोशनी से ईंधन बनाएगा भारत आईआईटी गुवाहाटी ने CO₂ को मेथनॉल में बदलने की क्रांतिकारी तकनीक खोजी
संचालन समिति ने यह भी बताया कि रोहतास गढ़ से पलायन के बाद ही उरांव समाज की महिलाओं में चेहरे पर तीन लकीरों का गोदना (टैटू) कराने की परंपरा की शुरुआत हुई, जो आज भी समाज की पहचान के रूप में जीवित है। जनजातीय समाज महादेव को अपना बड़ा देवा और आराध्य मानता है, जबकि पार्वती माता को देवी स्वरूप में पूजा जाता है। रोहतास गढ़ में आज भी महादेव-पार्वती का प्राचीन मंदिर विद्यमान है, जहां श्रद्धालु विशेष आस्था के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस में 17 एएसआई बने सब-इंस्पेक्टर, मुख्यालय ने जारी की प्रमोशन लिस्ट
हर वर्ष माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर रोहतास गढ़ तीर्थयात्रा का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर गुमला जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में जनजातीय श्रद्धालु और तीर्थयात्री रोहतास गढ़ पहुंचते हैं। तीर्थयात्रा के दौरान पारंपरिक पूजा, सामूहिक आराधना और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है।

संचालन समिति ने सभी श्रद्धालुओं और जनजातीय समाज के लोगों से इस ऐतिहासिक तीर्थयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी संस्कृति, परंपरा और पूर्वजों की विरासत को सहेजने की अपील की है।
एआई और साइबर सुरक्षा में पारंगत होंगे शिक्षक, नई शिक्षा नीति के तहत 50 घंटे की अनिवार्य ऑनलाइन ट्रेनिंग

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version