रांची: झारखंड सरकार का खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और लीकेज रोकने के लिए 1 अक्टूबर से नई ‘स्मार्ट-पीडीएस’ प्रणाली लागू करने जा रहा है। इस व्यवस्था के जरिए फर्जी लाभार्थियों, निष्क्रिय राशन कार्डों और दोहरे नामों की स्वतः पहचान कर उन्हें सिस्टम से बाहर किया जाएगा। विभाग ने सभी राशन कार्डधारकों को समय रहते जरूरी सत्यापन और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत लंबे समय से खाद्यान्न न उठाने वाले कार्डधारकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिन राशन कार्डों से पिछले छह महीनों से अनाज का उठाव नहीं हुआ है, विभाग हर महीने की 21 तारीख को उन्हें चिह्नित करेगा और अगले महीने की 1 तारीख से वे कार्ड अपने आप निष्क्रिय श्रेणी में डाल दिए जाएंगे। प्रशासन ने पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे अपनी नजदीकी राशन दुकान से नियमित रूप से अनाज प्राप्त करते रहें और कोटेदार से मिलकर अपने कार्ड की वर्तमान स्थिति की जांच करा लें।
प्रशासन ने निष्क्रिय किए गए राशन कार्डों को दोबारा चालू कराने के लिए लाभार्थियों को तीन महीने का समय दिया है। इस निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित कार्डधारकों को नजदीकी उचित मूल्य दुकान या विभागीय केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी और आवश्यक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। यदि तय तीन महीने के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती, तो संबंधित राशन कार्ड को स्थायी तौर पर रद्द कर दिया जाएगा।
इसके साथ ही, व्यवस्था में मौजूद डेटा के आधार पर जिन लाभार्थियों के नाम दो या उससे अधिक राशन कार्डों में दर्ज पाए जाएंगे, उन्हें भी अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जा रहा है। ऐसे मामलों में परिवार के मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजकर सूचित किया जा रहा है। यदि तय समयसीमा में ई-केवाईसी और सत्यापन नहीं कराया गया, तो डुप्लीकेट सदस्यों के नाम राशन कार्ड से हमेशा के लिए हटा दिए जाएंगे।


