नई दिल्ली। पैकेटबंद खाद्य पदार्थों (Packaged Foods) पर ‘फ्रंट-ऑफ-पैकेज लेबलिंग’ (FOPL) लागू करने की धीमी गति पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की प्रस्तावित समयसीमा पर सवाल उठाते हुए शीर्ष अदालत ने फटकार लगाई और पूछा कि जब मामला सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है, तो नियामक इसमें इतना समय क्यों बर्बाद करना चाहता है। मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
‘चार साल से क्या कर रहे थे? 1 साल का स्वैच्छिक अनुपालन क्यों?’
जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए एफएसएसएआई से तीखे सवाल किए। पीठ ने कहा:
  • “आपने 2022 में प्रक्रिया शुरू की थी, पिछले चार वर्षों में आपने क्या किया?”
  • अदालत ने यह भी पूछा कि नियमों को लागू करने के लिए कंपनियों को एक साल तक ‘स्वैच्छिक अनुपालन’ (Voluntary Compliance) की छूट क्यों दी जा रही है।
  • पीठ ने स्पष्ट किया कि अब तक की गई पहलों की सराहना अपनी जगह है, लेकिन नागरिकों और राष्ट्रहित में जमीनी स्तर पर सार्थक बदलाव लाने के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
FSSAI की नई योजना: पैकेट पर दिखेगा लाल षट्कोण (Red Hexagon) चेतावनी मार्क
सुनवाई के दौरान एफएसएसएआई ने अदालत को बताया कि 2022 में शुरू की गई प्रक्रिया ‘इंडियन न्यूट्रिशन रेटिंग’ (INR) की स्टार-रेटिंग पर आधारित थी, जिसके मानदंड अलग थे। अब प्राधिकरण ने नए ड्राफ्ट के तहत कड़ा कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है:
  • हाई फैट, शुगर व सॉल्ट पर रेड वार्निंग: जिन पैकेटबंद खाद्य उत्पादों में चीनी (Sugar), वसा (Fat) और नमक (Salt) की मात्रा तय सीमा से अधिक होगी, उन पर सफेद चौकोर बैकग्राउंड के अंदर लाल षट्कोण (Red Hexagon) के आकार का चेतावनी लेबल लगाना अनिवार्य होगा।
  • पैकेट के सामने होगा लेबल: यह चेतावनी पैकेट के बिल्कुल सामने (Front-of-Package) प्रमुखता से दिखाई देगी, ताकि उपभोक्ता उत्पाद खरीदते समय स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर तुरंत सचेत हो सकें।
नियमों को अंतिम रूप देने में लगेंगे 4 महीने: FSSAI
खाद्य नियामक की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि नए मसौदे को अंतिम रूप देने में लगभग चार महीने का समय लगेगा। प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट संशोधनों को हितधारकों, आम जनता और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के मंच पर सुझाव व आपत्तियां आमंत्रित करने के लिए 60 दिनों तक सार्वजनिक रखा जाएगा। सभी पक्षों से परामर्श के बाद इसे अंतिम रूप से लागू किया जाएगा।
क्या होती है फ्रंट-ऑफ-पैकेज लेबलिंग (FOPL)?
यह खाद्य पदार्थों के पैकेट के सामने दिया जाने वाला एक स्पष्ट ग्राफिक या चेतावनी संकेत होता है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को पोषण संबंधी आवश्यक जानकारी (जैसे अत्यधिक नमक, चीनी या अनहेल्दी फैट) एक नजर में उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपनी सेहत के अनुरूप सही खान-पान का चुनाव कर सकें।
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