नई दिल्ली:
देश भर के लाखों शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर चल रही लंबी अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने न्यायालय में अपना आधिकारिक शपथपत्र दाखिल कर पूरी स्थिति को स्पष्ट कर दिया है। इस फैसले से उन शिक्षकों ने बड़ी राहत की सांस ली है, जो अपनी नौकरी की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से मानसिक तनाव में थे।
क्या है NCTE का आधिकारिक रुख?
NCTE ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कानून को ‘पूर्व प्रभाव’ (Retrospective effect) से लागू नहीं किया जा सकता। इसका सीधा अर्थ यह है कि जिस समय शिक्षक की नियुक्ति हुई थी, उस समय जो नियम प्रभावी थे, उसी के आधार पर उनकी नियुक्ति की वैधता तय होगी। बाद में लाए गए किसी नियम के आधार पर पुरानी नियुक्तियों को अवैध नहीं ठहराया जा सकता।
नियुक्ति की तारीख के अनुसार पात्रता के नियम:
NCTE के स्पष्टीकरण के अनुसार, शिक्षकों को उनकी नियुक्ति की अवधि के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
- 3 सितंबर 2001 से पहले नियुक्त शिक्षक: इन शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से पूरी तरह छूट दी गई है और उन्हें यह परीक्षा उत्तीर्ण करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
- 3 सितंबर 2001 से 23 अगस्त 2010 के बीच नियुक्त शिक्षक: इस समयावधि के दौरान नियुक्त हुए शिक्षकों के लिए भी TET अनिवार्य नहीं है, क्योंकि उस समय यह परीक्षा प्रणाली अस्तित्व में ही नहीं थी। अतः इस दौरान हुई सभी नियुक्तियां पूरी तरह वैध हैं।
- 23 अगस्त 2010 के बाद नियुक्त शिक्षक: 23 अगस्त 2010 को NCTE द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के बाद प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर नियुक्त होने वाले सभी शिक्षकों के लिए TET परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
पिछले काफी समय से शिक्षकों के बीच यह डर व्याप्त था कि क्या पुरानी नियुक्तियों पर भी TET की शर्त लागू होगी। इस स्पष्टीकरण से देश भर के हजारों शिक्षकों के लिए एक ‘सुरक्षा कवच’ तैयार हो गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NCTE का यह कदम बेहद तार्किक है, क्योंकि किसी नियुक्ति के समय लागू रहे नियमों को बाद में बदली गई शर्तों के आधार पर चुनौती देना कानूनन सही नहीं है।
यह निर्णय न केवल सेवारत शिक्षकों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि शिक्षा विभाग में व्याप्त प्रशासनिक भ्रम की स्थिति को भी पूरी तरह खत्म कर देगा।

