भोपाल। मध्य प्रदेश में नवीन शिक्षक संवर्ग की तीन प्रमुख मांगों को लेकर अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षकों ने राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में रविवार से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मोर्चा के पदाधिकारियों का दावा है कि इस आंदोलन में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक राजधानी पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
ये हैं शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगें:
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सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त हो: मोर्चा का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे सेवारत शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की बाध्यता थोपना पूरी तरह अनुचित है, इसे तुरंत हटाया जाए।
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प्रथम नियुक्ति दिनांक से हो सेवा अवधि की गणना: नवीन शिक्षक संवर्ग की वरिष्ठता और सेवा अवधि की गिनती विभाग में उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए, जिससे उन्हें वरिष्ठता और अन्य सेवा लाभ मिल सकें।
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ई-अटेंडेंस व्यवस्था हो बंद: स्कूलों में शिक्षकों के लिए लागू की गई ऑनलाइन ई-अटेंडेंस व्यवस्था का कड़ा विरोध करते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, आर-पार की तैयारी
मोर्चा के संयोजक एवं राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने बताया कि शिक्षक लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा है। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक शासन स्तर से इन मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक नीलम पार्क में धरना अनवरत जारी रहेगा।

