जगदलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन 8 और 9 अक्टूबर को होगा। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में 15 राज्यों के सहकारिता सचिव और 14 राज्यों के सहकारी समितियों के पंजीयक हिस्सा लेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता भारत सरकार के सहकारिता विभाग के सचिव आशीष कुमार भूटानी करेंगे। अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के प्रबंध संचालक पंकज बंसल और अतिरिक्त सचिव सिद्धार्थ जैन भी इसमें शामिल होंगे।
एम-पैक्स, भंडारण और डिजिटल सेवाओं पर बनेगी रणनीति
सम्मेलन में मल्टीपर्पस प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (एम-पैक्स), दुग्ध समितियों के गठन, एम-पैक्स कंप्यूटरीकरण, डिजिटल सेवाओं, भंडारण क्षमता के विस्तार और सहकारी बैंकिंग को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
एम-पैक्स के माध्यम से उर्वरक और अन्य कृषि आदानों के वितरण तथा बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के साथ समन्वय पर भी मंथन किया जाएगा। अगले तीन महीनों की कार्ययोजना तैयार करने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों की आय और स्थानीय रोजगार को सहकारिता के माध्यम से बढ़ाने पर जोर रहेगा।
छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना के मुताबिक, सम्मेलन में राज्य की सहकारी गतिविधियों और उपलब्धियों को भी साझा किया जाएगा। अधिकारियों का बस्तर की एम-पैक्स, लघु वनोपज और जनजातीय सहकारी समितियों का भ्रमण भी प्रस्तावित है।
छत्तीसगढ़ में 515 नए एम-पैक्स
‘सहकार से समृद्धि’ के तहत प्रदेश में 515 नए एम-पैक्स, 356 मत्स्य, 364 दुग्ध, 153 लघु वनोपज और 63 महिला बहुउद्देशीय सहकारी समितियां गठित की गई हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में 3.18 लाख नए कृषकों के खाते खोले गए हैं।
राज्य के 2,058 एम-पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। इन समितियों में उपलब्ध माइक्रो एटीएम के माध्यम से अब तक 324 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया जा चुका है।
वहीं, 725 एम-पैक्स में गोदामों का निर्माण किया गया है। विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना के तहत राज्य के 46 एम-पैक्स चयनित किए गए हैं। इनमें 20 के लिए ऋण स्वीकृत हो चुका है और छह में निर्माण शुरू हो गया है।
महतारियों को आज 632 करोड़ की सौगात
इधर, महतारी वंदन योजना के तहत आज 32वीं किस्त का भुगतान होगा। 67 लाख 38 हजार 217 हितग्राहियों को कुल 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम से राशि का अंतरण करेंगे।
महतारी वंदन योजना प्रदेश में 1 मार्च 2024 से लागू की गई थी। योजना के तहत अब तक 31 किस्तों में 20,075.71 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। 32वीं किस्त के भुगतान के बाद योजना के तहत कुल सहायता राशि 20,708.11 करोड़ रुपये हो जाएगी।
68.52 लाख महिलाएं पात्र
अक्टूबर 2026 की 32वीं किस्त के लिए अद्यतन स्थिति में कुल 68 लाख 52 हजार 661 हितग्राही पात्र हैं। इनमें से 67 लाख 31 हजार 314 हितग्राहियों के भुगतान का अनुमोदन किया गया है। नियद नेल्लानार क्षेत्र के 6,903 हितग्राहियों की 12वीं किस्त के भुगतान का भी अनुमोदन किया गया है।
इस तरह कुल 67 लाख 38 हजार 217 हितग्राहियों को आज राशि अंतरित की जा रही है। योजना के तहत राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचाई जाती है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के साथ परिवारों में पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को मजबूती देना है।
एक दिन, दो बड़े आयोजन
एक ओर जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर के सहकारिता सम्मेलन के जरिए छत्तीसगढ़ सहकारी मॉडल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की अपनी उपलब्धियां देश के सामने रखेगा, वहीं दूसरी ओर दुर्ग से लाखों महिलाओं के खातों में महतारी वंदन की 32वीं किस्त पहुंचेगी। प्रदेश के लिए 8 अक्टूबर का दिन सहकारिता विस्तार और महिला आर्थिक सशक्तिकरण—दोनों मोर्चों पर महत्वपूर्ण रहेगा। :::


