नई दिल्ली | 22 मार्च 2026
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों—शहीद भगत सिंह, शहीद शिवराम राजगुरु और शहीद सुखदेव थापर—के अद्वितीय बलिदान को पावन श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय कल, 23 मार्च 2026 को एक राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का आयोजन करने जा रहा है। “मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारी” की प्रेरणादायी थीम के तहत संचालित यह पहल ‘मेरा युवा भारत’ (माई भारत) के माध्यम से देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है। मंत्रालय का मानना है कि आजादी महज एक विरासत नहीं है, बल्कि इसे निरंतर सामूहिक प्रयासों और नागरिक कर्तव्यों के माध्यम से संरक्षित किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ, यह पदयात्रा युवाओं की असीम ऊर्जा और आकांक्षाओं को जिम्मेदार नागरिकता की ओर निर्देशित करने का एक सार्थक माध्यम बनेगी।
इस भव्य आयोजन की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के सभी 763 जिलों में एक साथ पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन का मुख्य और सबसे बड़ा आयोजन हरियाणा के फरीदाबाद में होगा, जिसकी अगुवाई केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्यमंत्री श्रीमती रक्षा खडसे और हरियाणा के खेल मंत्री श्री गौरव गौतम करेंगे। फरीदाबाद की इस पदयात्रा में 10,000 से अधिक उत्साही युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है, जो सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को और मजबूती प्रदान करेंगे। यह यात्रा फरीदाबाद के के.एल. मेहता दयानंद कॉलेज से प्रारंभ होकर घंटा घर और मार्केट नंबर 5 जैसे प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों से गुजरते हुए लगभग 2.31 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और अंततः शहीद भगत सिंह चौक पर जाकर संपन्न होगी।
इस मुख्य आयोजन की पूर्व तैयारी के रूप में मंत्रालय द्वारा कई डिजिटल और सामाजिक गतिविधियां भी संचालित की गई हैं। माई भारत पोर्टल के माध्यम से गुमनाम नायकों पर आधारित प्रश्नोत्तरी और रील प्रतियोगिताओं ने युवाओं में भारी उत्साह पैदा किया है। इसके अतिरिक्त, पदयात्रा से ठीक एक दिन पहले यानी आज, 22 मार्च को देश भर के सभी जिलों में ‘माई भारत सिविक सेंस चैलेंज’ के तहत स्वच्छता अभियान और सड़क सुरक्षा जागरूकता जैसी श्रमदान गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। एक विशेष “मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारी” शपथ पटल की स्थापना भी की गई है, जहाँ प्रतिभागी राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका के प्रति सार्वजनिक रूप से संकल्प ले सकेंगे। सरकार का यह आह्वान युवाओं के लिए एक ऐसा मंच है जहाँ वे अपनी एकता और देशभक्ति को प्रदर्शित कर सकारात्मक परिवर्तन के उत्प्रेरक बन सकते हैं।
न्याय का संकल्प और जुर्म पर प्रहार: खाकी की आन-बान-शान, प्रशांत कुमार ठाकुर का बेमिसाल सफर

