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महासमुंद (छत्तीसगढ़): महासमुंद पुलिस ने शासकीय योजनाओं और मुफ्त उपहारों का झांसा देकर 138 महिलाओं के नाम पर फर्जी लोन लेने वाले एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने दो मुख्य बैंक बी.सी. (Business Correspondent) को गिरफ्तार किया है, जो पर्दे के पीछे रहकर इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
घटना बसना थाना क्षेत्र के ग्राम पिरदा की है। 1 अप्रैल 2025 को प्रार्थिया श्रीमती रजनी देवांगन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के सुदर्शन साहू ने शासकीय योजना का लाभ और मुफ्त कुकर दिलाने के बहाने उनका और अन्य महिलाओं का [Aadhaar Redacted] लिया था।
आरोपियों ने बायोमेट्रिक मशीन में ‘सिस्टम एरर’ का बहाना बनाकर एक ही महिला से 3-4 बार फिंगरप्रिंट लिए और ओटीपी का उपयोग कर उनकी सहमति के बिना उनके नाम पर भारी-भरकम लोन पास करा लिए। बाद में जब फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी किश्त मांगने घर पहुंचे, तो महिलाओं को अपने साथ हुई करोड़ों की धोखाधड़ी का पता चला।
पर्दे के पीछे थे बैंक बी.सी.
जांच में सामने आया कि मुख्य एजेंट सुदर्शन साहू (जिसे पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है) के साथ मिलकर इंडसलैंड बैंक के बी.सी. लक्ष्मीचंद देवांगन और मनोहर जटवार ने सुनियोजित तरीके से इस षड्यंत्र को रचा। ये दोनों आरोपी सीधे महिलाओं के संपर्क में नहीं आते थे, बल्कि अपनी बैंक आईडी का दुरुपयोग कर फर्जी लोन स्वीकृत करवाते थे।
बसना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे इन दोनों मुख्य साजिशकर्ताओं को आज, 1 जुलाई 2026 को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बायोमेट्रिक मशीन और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
- लक्ष्मीचंद देवांगन (40 वर्ष), निवासी पिरदा – बैंक बी.सी.
- मनोहर जटवार (33 वर्ष), निवासी तरेकेला – बैंक बी.सी.
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण में बैंक के अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता की भी बारीकी से जांच की जा रही है। आम जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना [Aadhaar Redacted] या फिंगरप्रिंट न दें और ‘सिस्टम एरर’ जैसे झांसों से सतर्क रहें।

