अगर आप मानते हैं कि विटामिन D सिर्फ हड्डियों को मजबूत रखने के लिए जरूरी है, तो ऐसा नहीं है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन की हालिया रिसर्च में विटामिन D की कमी और दिल की कोशिकाओं में बढ़ते ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के बीच संबंध सामने आया है। यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल Steroids में प्रकाशित हुआ है।
विटामिन D की कमी से दिल पर क्या असर पड़ता है?
इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने चूहों पर रिसर्च की। चूहों को अलग-अलग मात्रा में विटामिन D वाली डाइट दी गई। जिन चूहों को विटामिन D की कमी वाली डाइट मिली, उनमें दिल की कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा हुआ पाया गया।
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि विटामिन D की कमी से दिल के कामकाज और कोशिकाओं की सुरक्षा करने वाले NRF2 सिस्टम पर असर पड़ सकता है। NRF2 शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रिसर्च टीम के अनुसार, लंबे समय तक विटामिन D की कमी से दिल की कोशिकाओं पर तनाव और नुकसान से जुड़े बदलाव हो सकते हैं। वहीं, जब चूहों को विटामिन D वाली डाइट दी गई तो उनके शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के स्तर में कमी देखी गई।
शरीर में कितना होना चाहिए विटामिन D?
शरीर में विटामिन D का स्तर जानने के लिए 25-हाइड्रॉक्सी विटामिन D [25(OH)D] नाम का ब्लड टेस्ट किया जाता है। आमतौर पर 20 ng/mL से कम स्तर को विटामिन D की कमी माना जाता है।
विटामिन D की कमी होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार खान-पान, पर्याप्त धूप और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट के जरिए इसकी पूर्ति की जा सकती है।
क्या विटामिन D की कमी से हार्ट अटैक हो सकता है?
इस रिसर्च को लेकर एक जरूरी बात समझना बेहद जरूरी है। यह अध्ययन अभी केवल चूहों पर किया गया है, इंसानों पर नहीं। इसलिए इस रिसर्च के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि विटामिन D की कमी सीधे तौर पर इंसानों में हार्ट अटैक या हृदय रोग का कारण बनती है।
वैज्ञानिकों के अनुसार इंसानों में विटामिन D की कमी और हृदय रोग के बीच सीधे संबंध को समझने के लिए अभी और शोध की जरूरत है।

