नई दिल्ली | 03 मार्च 2026
विश्व वन्यजीव दिवस के पावन अवसर पर आज देशभर में पृथ्वी की अनमोल प्राकृतिक धरोहरों और जीव विविधता की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। इस वर्ष का आयोजन न केवल वन्यजीवों के उत्सव के रूप में मनाया गया, बल्कि इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक साझा जिम्मेदारी के रूप में भी देखा गया।
भारत की प्राचीन सांस्कृतिक भावना और शास्त्रों में निहित ‘सर्वजन सुखाय’ के आदर्शों को याद करते हुए यह रेखांकित किया गया कि वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा रही है। वन्यजीव न केवल हमारे ग्रह की सुंदरता को बढ़ाते हैं, बल्कि हमारे संपूर्ण इकोसिस्टम को बनाए रखने के लिए अनिवार्य आधार स्तंभ भी हैं।
वर्तमान समय में इकोसिस्टम के सामने मौजूद विभिन्न खतरों के प्रति सचेत रहते हुए, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ महत्वपूर्ण प्रजातियों की बहाली पर विशेष बल दिया जा रहा है। सरकार और समाज के विभिन्न वर्गों के सामूहिक प्रयासों से लुप्तप्राय प्रजातियों के पुनरुद्धार और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
हर साल मनाया जाने वाला यह दिवस हमें याद दिलाता है कि वन्य जीवों और वनस्पतियों का संरक्षण केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि मानवीय कल्याण और पारिस्थितिक संतुलन के लिए एक अनिवार्य वैश्विक संकल्प है। यह उत्सव समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर अपनी प्राकृतिक विरासत की रक्षा करने और पृथ्वी की अद्भुत जैव विविधता को अक्षुण्ण बनाए रखने का संदेश देता है।

