विश्व वन्यजीव दिवस 2026: जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन के संरक्षण का संकल्प

नई दिल्ली | 04 मार्च 2026

भारत आज वैश्विक एआई पावरहाउस के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। वर्ष 2024 में लगभग 89 प्रतिशत नए स्टार्टअप्स का एआई संचालित होना और 87 प्रतिशत उद्यमों द्वारा सक्रिय रूप से इस तकनीक का इस्तेमाल करना इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। भारतीय एआई बाजार के 2027 तक 25 से 35 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए नैसकॉम के अनुसार देश को लगभग 1.25 मिलियन एआई पेशेवरों की आवश्यकता होगी।

UIDAI के ‘मिशन मोड’ अभियान से 1.2 करोड़ बच्चों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट हुआ

इस मांग को पूरा करने के लिए भारत सरकार ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के साथ अपनी शिक्षा और कौशल विकास नीतियों में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है।

होली पर रेलवे ने करोड़ों यात्रियों को पहुँचाया घर और उधना स्टेशन पर बांटीं 3000 पानी की बोतलें
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 इस परिवर्तन की आधारशिला है, जो आर्थिक विकास और व्यक्तिगत शिक्षण में एआई की क्षमता को स्वीकार करती है। इस रणनीति के तहत 7,634 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 1.79 लाख से अधिक आईसीटी प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी गई है, जो तकनीक को ग्रामीण, आदिवासी और आकांक्षी जिलों तक पहुँचा रही हैं। स्कूली स्तर पर सीबीएसई और एनसीईआरटी के माध्यम से कक्षा 6 से ही एआई मॉड्यूल और कौशल पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है, जबकि कक्षा 11 की कंप्यूटर विज्ञान की पुस्तकों में एआई विषयों को गहराई से जोड़ा गया है। इतना ही नहीं, दीक्षा और स्वयं जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए लाखों छात्र आईआईटी और आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के एआई पाठ्यक्रमों का लाभ उठा रहे हैं।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी एआई, बिग डेटा और मशीन लर्निंग जैसे विषयों को स्नातक स्तर पर अनिवार्य रूप से जोड़ा गया है। एआईसीटीई और ‘पेरप्लेक्सिटी’ जैसी वैश्विक संस्थाओं के बीच साझेदारी से करोड़ों छात्रों को शोध और नवाचार के नए अवसर मिल रहे हैं। इसी कड़ी में आईआईटी मद्रास ‘भारत बोध एआई सम्मेलन 2026’ की मेजबानी करने जा रहा है, जो भरोसेमंद और शोध-आधारित एआई समाधानों के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करेगा। इसके साथ ही ‘इंडियाएआई’ मिशन के तहत जेनरेटिव एआई और अनुसंधान के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में एआई समाधान विकसित करने के लिए एक लाख से अधिक युवा डेवलपर्स को प्रशिक्षित कर रहे हैं।

युवा संगम का छठा चरण: युवाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत मिलेगा देश भ्रमण का मौका

सरकार का यह प्रयास केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समावेशन पर भी केंद्रित है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 4.0 के तहत हजारों युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिनमें लगभग 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। ‘युवा एआई सभी के लिए’ जैसी पहल के माध्यम से एक करोड़ नागरिकों को बुनियादी एआई साक्षरता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। अंततः, भारत की यह समग्र एआई रणनीति न केवल वैश्विक नेतृत्व की तैयारी है, बल्कि यह “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के आदर्श के साथ सभी समुदायों तक तकनीक की पहुंच आसान बनाकर समावेशी विकास सुनिश्चित कर रही है।
CG Now की ओर से आप सभी प्रदेशवासियों को रंगों के महापर्व ‘होली’ की हार्दिक शुभकामनाएं!

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version