**रायपुर, 26 जून 2026** – छत्तीसगढ़ में अब रबर टायर के बिना दोहरे लोहे के पिंजरे (आयरन केजव्हील) वाले ट्रैक्टरों का सामान्य सड़कों पर चलना महंगा पड़ेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण के दृष्टिगत इन ट्रैक्टरों के संचालन पर रोक लगाने और सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
सड़कों को हो रहा नुकसान, बढ़ेगी चालानी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने राज्य के सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (RTO) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आयरन केजव्हील लगे ट्रैक्टरों को सड़कों पर चलने से तत्काल रोका जाए। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन ट्रैक्टरों का उपयोग केवल खेतों और कृषि कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। डामर या सीमेंट की सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर रबर टायर के स्थान पर आयरन केजव्हील का उपयोग करना मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। लोक निर्माण विभाग ने भी चेतावनी दी है कि ऐसे ट्रैक्टरों के सड़क पर चलने से सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।
ग्रामीण स्तर पर चलेगा जनजागरूकता अभियान
इस नियम के प्रभावी पालन हेतु प्रशासन ने केवल दंडात्मक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जन-सहयोग का रास्ता भी चुना है। जिला प्रशासन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में एक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत किसानों और वाहन चालकों को आयरन केजव्हील के सही और निर्धारित उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा, नियमों के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाने के लिए स्थानीय समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का मुख्य लक्ष्य सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करना और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान से बचाना है।



