नई दिल्ली
भारी डिस्काउंट और लुभावने फाइनेंस ऑफर्स के बावजूद, भारतीय स्मार्टफोन बाजार इन दिनों ग्राहकों के लिए तरस रहा है. हालात यह हैं कि पिछले 6 साल में पहली बार ‘जून तिमाही’ (Q2) में फोन की बिक्री में इतनी बड़ी गिरावट देखी गई है. काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट साल-दर-साल के आधार पर 10% तक लुढ़क गया है.
बजट फोन्स की टूटी कमर, कीमतें 15% तक बढ़ीं
रिपोर्ट के मुताबिक, इस मंदी का सबसे बड़ा कारण स्मार्टफोन के पुर्जों, खासकर मेमोरी चिप्स (DRAM और NAND) की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी है. इसके चलते मोबाइल कंपनियों को मजबूरन अपने फोन महंगे करने पड़े हैं. काउंटरपॉइंट का अनुमान है कि इस तिमाही के अंत तक स्मार्टफोन्स की औसत कीमत में लगभग 15% का इजाफा हो चुका है.
बढ़ती महंगाई और लोगों की खर्च करने की क्षमता घटने के कारण ग्राहक अब जल्दी नया फोन नहीं खरीद रहे हैं. इसका सबसे भयानक असर 15,000 रुपये से कम कीमत वाले (बजट) सेगमेंट पर पड़ा है, जिसकी बिक्री में 45% की भारी गिरावट दर्ज की गई है. एंट्री-लेवल और मिड-रेंज मार्केट पर राज करने वाली चीनी कंपनियों का संयुक्त मार्केट शेयर 2020 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है. लागत को काबू में रखने के लिए अब कई ब्रांड्स फिर से 4G फोन्स लॉन्च करने की रणनीति अपना रहे हैं.
प्रीमियम सेगमेंट का जलवा बरकरार
जहां एक तरफ सस्ते फोन्स के खरीदार गायब हैं, वहीं 45,000 रुपये से ऊपर वाले ‘अल्ट्रा-प्रीमियम’ सेगमेंट पर मंदी का कोई खास असर नहीं दिखा है. इसका सीधा श्रेय आसान ईएमआई (EMI) और फाइनेंसिंग स्कीम्स को जाता है, जिसने महंगे फोन्स खरीदना आसान बना दिया है.
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ब्रांड्स का रिपोर्ट कार्ड: कौन पास, कौन फेल?
| ब्रांड | मार्केट शेयर / ग्रोथ | बाजार में स्थिति और प्रदर्शन |
| Vivo | 18% शेयर | लगातार कीमत बढ़ने के बावजूद अपनी V70 Series की तगड़ी डिमांड के दम पर नंबर वन की कुर्सी पर काबिज है (iQOO को छोड़कर). |
| Samsung | दूसरा स्थान | टॉप-5 में इकलौती कंपनी जिसने गिरावट के इस दौर में भी 2% की ग्रोथ दर्ज की. Galaxy A Series और फ्लैगशिप S Series ने बढ़त दिलाई. |
| OPPO | 14% शेयर | बाजार में मजबूत पकड़ बनाए रखते हुए तीसरे स्थान पर मौजूद है. |
| Xiaomi | 13% शेयर | POCO सहित चौथे स्थान पर है. 20,000 रुपये से कम के सेगमेंट में बार-बार कीमतें बढ़ने से बिक्री घटी है. |
| Realme | पांचवां स्थान | शाओमी की तरह ही बजट सेगमेंट में कीमतें बढ़ने के कारण संघर्ष कर रही है और पांचवें नंबर पर है. |
| Apple | 3% की गिरावट | iPhone 17 सीरीज की मांग बाजार में बनी हुई है, लेकिन सप्लाई की कमी और इन्वेंट्री शॉर्टेज के कारण शिपमेंट गिरा है. |
| Nothing | 105% का उछाल | टॉप-5 से बाहर यह भारत का सबसे तेजी से उभरता ब्रांड बना. Phone (4a) की मांग और IPL में RCB की स्पॉन्सरशिप से बिक्री दोगुनी हुई. |
| 68% की ग्रोथ | अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट में Google Pixel ने सबसे तेज ग्रोथ हासिल कर सबको चौंकाया है. |
आगे की राह भी मुश्किल:
काउंटरपॉइंट रिसर्च ने चेतावनी दी है कि मेमोरी चिप्स की कीमतों में उछाल आगे भी जारी रहेगा. इसके कारण पूरे साल (2026) के लिए भारत के स्मार्टफोन बाजार में 13% की कुल गिरावट देखने को मिल सकती है. साफ है कि ग्राहकों के लिए नया फोन खरीदना इस साल काफी जेब ढीली करने वाला साबित होगा.
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