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जशपुर नगर के पुरना नगर स्थित तुरीटोंगरी में मिली अधजली लाश की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी सुमित्रा भगत और तीन नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि अक्टूबर 2025 में मिली वह अज्ञात लाश महावीर राम भगत की थी, जिसकी हत्या उसकी अपनी पत्नी ने पारिवारिक विवाद के चलते की थी।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में DNA टेस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके माध्यम से बुरी तरह जल चुके शव की पहचान सुनिश्चित हो सकी। मृतक की पहचान होने के बाद जब पुलिस ने उसकी पत्नी सुमित्रा भगत से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह अपने पति की शराब पीने की आदत और आए दिन होने वाली मारपीट से तंग आ चुकी थी।
घटना के दिन जब विवाद बढ़ा, तो आरोपी पत्नी ने आवेश में आकर गैंती से वार कर अपने पति को मौत के घाट उतार दिया। इस जघन्य अपराध को छुपाने के लिए उसने अपनी दो नाबालिग बेटियों और पड़ोस के एक नाबालिग बालक की मदद ली। इन चारों ने मिलकर साक्ष्य मिटाने की नियत से शव को जंगल में ले जाकर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी ताकि मृतक की पहचान न हो सके।
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पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त छोटी गैंती, पेट्रोल लाने में इस्तेमाल की गई जरकीन और टॉर्च को बरामद कर लिया है। डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में गठित सात सदस्यीय टीम की सक्रियता से इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद मुख्य आरोपिया को न्यायिक रिमांड पर जेल और नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेज दिया गया है।

