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रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना ‘महतारी वंदन योजना’ को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण रिपोर्ट सामने आई है। विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे द्वारा पूछे गए ध्यानाकर्षण प्रश्न का लिखित जवाब देते हुए प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने योजना के लाभार्थियों, स्वीकृत और निरस्त आवेदनों का पूरा आधिकारिक डेटा सदन के पटल पर रखा। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में जून 2026 की स्थिति में कुल 68,54,003 महिलाओं को इस योजना के तहत वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
सदन में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक सभी लाभार्थियों को एक समान राशि नहीं मिल रही है, बल्कि नियमानुसार इसका वर्गीकरण किया गया है। इसके तहत राज्य की 59,93,307 महिलाओं को प्रति माह ₹1,000 के मान से सहायता राशि दी जा रही है, जबकि 8,54,849 महिलाओं को ₹500 के मान से मासिक राशि का भुगतान किया जा रहा है और राज्य की 5,847 महिलाओं को ₹350 के मान से सहायता राशि प्रदान की गई है। योजना के शुरू होने से लेकर अब तक प्राप्त हुए कुल 70,34,935 आवेदनों में से अद्यतन स्थिति में 68,84,022 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जबकि मृत हो चुकीं 1,21,401 हितग्राहियों सहित कुल 1,45,002 आवेदन निरस्त यानी रद्द किए जा चुके हैं और 5,911 आवेदन अब भी विभाग के पास लंबित पड़े हैं।
बड़ी संख्या में पात्र विवाहित, विधवा, परित्यक्ता एवं निराश्रित महिलाओं के योजना के लाभ से वंचित होने के सवाल पर मंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि योजना के प्रारंभ में आवेदन करने की निर्धारित अंतिम तिथि तक आवेदन न करने वाली तथा उसके बाद पात्रता के दायरे में आने वाली महिलाओं के लाभ से वंचित होने की संभावना है, जिनकी निश्चित संख्या बताया जाना फिलहाल संभव नहीं है। विभागीय जवाब में माना गया है कि आवेदन करने की निर्धारित अंतिम तिथि 20 फरवरी 2024 तक पात्र होने के बावजूद कई महिलाओं द्वारा आवेदन न करने या तकनीकी दिक्कतों के कारण पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड न कर पाने की वजह से वे इस योजना के लाभ से वंचित रह गई होंगी। हालांकि सरकार ने सदन को आश्वस्त किया है कि जिन भी पात्र महिलाओं ने निर्धारित अंतिम तिथि तक सफलतापूर्वक अपने आवेदन जमा किए थे, उन्हें शासन द्वारा योजना का निरंतर लाभ दिया जा रहा है।

