प्रदेश में स्थापित होंगे 1460 गौधाम, छत्तीसगढ़ में निराश्रित मवेशियों के संरक्षण के लिए बड़ी पहल
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, तकनीक और अधोसंरचना को नई दिशा देने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। राज्य में डिजिटल अर्थव्यवस्था और सुशासन को रफ्तार देने के लिए मंत्रिपरिषद ने ‘छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन’ को मंजूरी दे दी है। अगले 5 वर्षों में 500 करोड़ रुपये के बजट वाले इस मिशन के तहत 100 AI डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे और 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा 50 से अधिक AI-आधारित सरकारी सेवाएं शुरू होंगी।
RTI के तहत नहीं मिलेगी किसी की पर्सनल जानकारी: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दो याचिकाएं खारिज
औद्योगिक विकास और भारी मशीन निर्माण के क्षेत्र में प्रदेश को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए मंत्रिपरिषद ने भारत सरकार के मिनीरत्न उपक्रम बीईएमएल (BEML) को हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना हेतु रियायती दर पर भूमि आवंटन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। राज्य में इस प्रकार का यह पहला संयंत्र होगा, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और MSME क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग (PWD) में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और रियल-टाइम निगरानी के लिए सी-डैक पुणे द्वारा विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘WAMIS’ (वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) के प्रथम चरण को लागू करने की स्वीकृति दी गई है, जिससे ई-मेजरमेंट बुक (e-MB) और बिल भुगतान जैसी प्रक्रियाएं एकीकृत और पारदर्शी हो जाएंगी।
ग्रामीण अधोसंरचना और विकास को सहज बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब आंतरिक गलियों में सीसी सड़क/नाली निर्माण से पहले मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। साथ ही योजना का दायरा बढ़ाकर उन सभी ग्रामीण मार्गों को शामिल कर लिया गया है जो पीएमजीएसवाय (PMGSY) या अन्य योजनाओं में शामिल नहीं हैं। इनके लिए नाबार्ड, डीएमएफ (DMF) व अन्य मदों से वित्तीय संसाधन जुटाए जाएंगे और राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति के माध्यम से इनकी समीक्षा की जाएगी।
क्रिकेट से संन्यास के बाद भी कमाई जारी, जानिए BCCI पूर्व खिलाड़ियों को कितनी पेंशन देता है
राज्य के वित्तीय प्रबंधन और दीर्घकालिक विकास विजन को बल देने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के तहत ‘Anjor LIGHT’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये के शत-प्रतिशत अनुदान (Grant) को मंजूरी दी गई है। 3 वर्ष की इस परियोजना से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। वित्तीय पारदर्शिता को और मजबूत करते हुए राज्य की योजनाओं के लिए ‘State Single Nodal Agency’ (S-SNA) मॉडल लागू करने का फैसला लिया गया है, जिससे बैंक खातों में निष्क्रिय पड़ी रहने वाली राशि का सीधे केंद्रीकृत मदर अकाउंट के जरिए पारदर्शी भुगतान हो सकेगा। अंत में, ऊर्जा क्षेत्र को वित्तीय रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट करने की मंजूरी दी गई है, जिसके लिए राज्य शासन द्वारा गारंटी प्रदान की जाएगी।

