जांजगीर-चांपा / सुंदरगढ़: स्वाइन फ्लू की दहशत के बीच अब जानलेवा बैक्टीरियल इन्फेक्शन ‘स्क्रब टाइफस’ (Scrub Typhus) ने स्वास्थ्य विभाग के होश उड़ा दिए हैं। छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में स्क्रब टाइफस की चपेट में आए शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के तुसमा निवासी 25 वर्षीय युवक की बिलासपुर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, पड़ोसी राज्य ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में भी इस बीमारी के संदिग्ध मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह हाई अलर्ट पर आ गया है।
17 सितंबर को आया तेज बुखार, 48 घंटे में बिगड़ी हालत और तोड़ा दम
तुसमा गांव के 25 वर्षीय युवक को 17 सितंबर को अचानक तेज बुखार आया था। बुखार के साथ प्लेटलेट्स और शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ने पर परिजनों ने उसे पहले शिवरीनारायण के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में कोई सुधार न होने पर डॉक्टरों की सलाह पर उसे बिलासपुर के निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां वेंटिलेटर और आईसीयू सपोर्ट के बावजूद शनिवार 19 सितंबर को युवक ने दम तोड़ दिया।सीएमएचओ डॉ. अनिता जायसवाल ने मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि जिले में बीते एक माह में सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर 40 से 45 मरीज स्क्रब टाइफस के लक्षणों के साथ पहुंचे हैं। वर्तमान में जिला अस्पताल में 5 पॉजिटिव मरीज उपचाराधीन हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी, सीएमएचओ बोलीं—’समय पर इलाज ही बचाव’
जिले में स्क्रब टाइफस के बढ़ते आंकड़ों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुसमा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में विशेष सर्विलांस और कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है। सीएमएचओ डॉ. अनिता जायसवाल ने बताया कि यह बीमारी झाड़ियों और घास में पाए जाने वाले सूक्ष्म कीड़े (चिगर्स/माइट्स) के काटने से फैलती है। यदि तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द या शरीर पर सिगरेट के जले जैसा काला निशान (एस्कर) दिखे, तो इसे नजरअंदाज किए बिना तुरंत जांच कराएं। शुरुआती चरण में एंटीबायोटिक दवाओं से इसका पूरा इलाज संभव है।
ओडिशा के सुंदरगढ़ में भी अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्री बोले—’ELISA टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार’
इधर, सीमावर्ती राज्य ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में भी स्क्रब टाइफस को लेकर चिंताओं का माहौल है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आम जनता से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है:स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूनों की ‘एलिसा टेस्ट’ (ELISA Test) और जरूरी कन्फर्मेटरी जांच कराई जा रही है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक आंकड़े जारी किए जाएंगे।सुंदरगढ़ के संवेदनशील इलाकों का जमीनी जायजा लेने के लिए एक विशेष मेडिकल टीम तैनात की गई है। यह टीम मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति, लक्षणों और क्लस्टर संक्रमण का अध्ययन कर सीधे मंत्रालय को रिपोर्ट सौंप रही है।


