जशपुर/पत्थलगांव | 25 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष की स्थिति एक बार फिर गंभीर हो गई है। तिलडेगा ग्राम पंचायत के भद्रापारा इलाके में बीती रात 11 हाथियों के एक विशाल दल ने रिहायशी इलाके में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों की चिंघाड़ और घरों के टूटने की आवाज से पूरे गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पिछले एक महीने से इसी इलाके में डेरा जमाए हुए इस दल ने बीती रात तीन ग्रामीणों के घरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और घर के भीतर रखा साल भर का राशन भी चट कर लिया।
हाथियों के इस दल ने न केवल घरों को निशाना बनाया, बल्कि किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया है। भद्रापारा के खेतों में लगी टमाटर, केला और प्याज की तैयार फसलों को हाथियों ने कुचलकर बर्बाद कर दिया, जिससे स्थानीय किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए। वन विभाग की टीम पूरी रात इलाके में तैनात रही और हाथियों की मूवमेंट पर नजर रखी। वर्तमान में गांव में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है, क्योंकि हाथियों का यह दल अभी भी आसपास के जंगलों में ही मौजूद है।
वन विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित ग्रामीणों के नुकसान का आकलन (सर्वे) शुरू कर दिया है ताकि उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा मिल सके। विभाग ने ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी स्थिति में हाथियों के नजदीक न जाएं और न ही उन्हें भगाने या देखने के लिए जंगल की ओर रुख करें। अधिकारियों का कहना है कि जरा सी लापरवाही किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकती है। वन विभाग की विशेष निगरानी टीम लगातार मुनादी (घोषणा) कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दे रही है। क्षेत्र में हाथियों की सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से हाथियों को सुरक्षित कॉरिडोर में खदेड़ने की मांग की है।


