अंबिकापुर, 21 जुलाई 2026। जिले के पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में मंगलवार को समग्र शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने शिरकत की। मंत्री श्री अग्रवाल ने स्वयं विद्यालय की घंटी बजाकर नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया तथा उन्हें विद्यालय में प्रवेश कराया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही सफलता का मूल मंत्र है और यह समाज में कौशल, आत्मविश्वास व समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित या ड्रॉपआउट न रहे। सरगुजा जैसे जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में शिक्षा का महत्व और भी अधिक है, जहां पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने पालकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और बालक-बालिका दोनों को समान अवसर प्रदान करें।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर ने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि प्रवेश उत्सव के माध्यम से बच्चों के मन से शाला का भय दूर किया जा रहा है और शासन द्वारा स्कूलों में बेहतर शिक्षा सुविधाएं दी जा रही हैं। भारत सिंह सिसोदिया ने शिक्षकों से बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देने की अपील की। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि भवन विहीन विद्यालयों की स्वीकृति, बच्चों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण और पीवीटीजी बच्चों के प्रवेश जैसी पहलों के साथ अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की जा रही है ताकि प्राथमिक स्तर पर बच्चों की नींव मजबूत हो सके। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा तैयार की गई दीवार पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
शाला प्रवेशोत्सव के दौरान अतिथियों द्वारा कक्षा पहली, छठवीं और नवमी के नवप्रवेशी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, बैग, गणवेश व अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई। साथ ही, शासन की साइकिल वितरण योजना के तहत पात्र 21 छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं ताकि उनकी शिक्षा सुगम हो सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जिले के 21 ‘शिक्षा दूत’ और 03 ‘ज्ञान दीप’ पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण पुरस्कार के तहत शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा, शिक्षा विभाग से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए प्राचार्य श्रीमती स्नेहलता सिन्हा, श्री जयप्रकाश दुबे, प्रधान पाठक श्री शुभाशीष मुखर्जी, श्रीमती माया सिन्हा और भृत्य श्री तसउवर हुसैन को भी सम्मानित किया गया। उल्लास नवसाक्षर कार्यक्रम के तहत समय सीमा में सर्वे पूरा करने वाले उत्कृष्ट वॉलेंटियर्स का सम्मान किया गया और सभी ने नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की शपथ ली।
इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव, नगर निगम सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, संयुक्त संचालक श्री संजय गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी श्री दिनेश झा, डीएमसी श्री सर्वजीत पाठक सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

