रायपुर
पवित्र परिवार येशु मरियम युसूफ के महोत्सव के अवसर पर संत जोसेफ महा गिरजाघर बैनर बाजार रायपुर में ख्रीस्त जयंती जुबिली वर्ष 2025 के समारोह का विधिवत समापन किया गया। इस अवसर पर कैथोलिक ईसाई समुदाय के महाधर्माध्यक्ष आर्च बिशप रेव्ह डॉ विक्टर हेनरी ठाकुर के मुख्य आतिथ्य में पवित्र मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया।
मिस्सा अनुष्ठान में फादर रेव्ह सेबास्टियन पुमटम, रेव्ह फादर जोसेफ मूलाक्करा, पल्ली पुरोहित रेव्ह फादर जान सेवियर सहित अनेक पुरोहितों ने सहभागिता की। पवित्र परिवार की पूजा विधि के दौरान “आशा के तीर्थयात्री” थीम पर आधारित ख्रीस्त जयंती जुबिली वर्ष 2025 के समापन की औपचारिक घोषणा की गई।
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प्रशासनिक कार्य एवं मीडिया प्रभारी गुरविंदर सिंह चडडा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर आर्च बिशप डॉ विक्टर हेनरी ठाकुर ने अपने संदेश में कहा कि आगमन काल हमारे प्रभु और मुक्तिदाता यीशु ख्रीस्त के आगमन की तैयारी का पवित्र समय है। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु अपने प्रथम आगमन पर मानव बनकर बेतलेहम के गौशाले में जन्मे, किंतु संसार ने उन्हें नहीं पहचाना। जो लोग उन्हें स्वीकार करते हैं और उनके नाम पर विश्वास करते हैं, उन्हें ईश्वर की संतान बनने का अधिकार प्राप्त होता है।
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उन्होंने कहा कि इस वर्ष ख्रीस्त जयंती को जुबिली वर्ष 2025 के परिवेश में मनाया जा रहा है, जो हमें यह स्मरण कराता है कि हम सभी इस पृथ्वी पर आशा के तीर्थयात्री हैं और हमारा वास्तविक घर पिता ईश्वर का स्वर्गिक निवास है। संत पिता फ्रांसिस के विचारों को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि ख्रीस्त जन्म का चिंतन हमें विनम्रता और आध्यात्मिक यात्रा की ओर प्रेरित करता है।
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आर्च बिशप ठाकुर ने संत पिता बेनेडिक्ट सोलहवें और संत पिता लियो के संदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि बालक यीशु का जन्म अंधकार, हिंसा और लालसा पर विजय का प्रतीक है तथा यह हमें नए जीवन की शुरुआत की चुनौती देता है। उन्होंने समाज के वंचित और पीड़ित वर्गों की आवाज बनने का आह्वान करते हुए भूख, बेरोजगारी, विस्थापन और मानव तस्करी जैसी समस्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त की।
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अपने संबोधन में उन्होंने वर्तमान समय में देश और विश्व में व्याप्त अशांति, असुरक्षा और भय के वातावरण पर भी चिंता जताई और कहा कि धर्म के नाम पर फैल रही नफरत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सभी से प्रार्थना करने का आग्रह किया कि भारत, छत्तीसगढ़ और पूरे विश्व में शांति, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक सहिष्णुता की बहाली हो।
अंत में आर्च बिशप डॉ विक्टर हेनरी ठाकुर ने ख्रीस्त जयंती के पावन अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए ईश्वर की शांति और प्रेम की कामना की तथा ख्रीस्त जयंती जुबिली वर्ष 2025 के समारोह के समापन की घोषणा की।
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इस पवित्र धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में धर्माध्यक्ष, पुरोहितगण, धर्म बहनें एवं विश्वासीजन उपस्थित रहे। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रार्थना समारोह में सहभागिता कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
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