रामानुजगंज,
छात्र से मारपीट और अनुशासनहीन आचरण के गंभीर मामले में जिला शिक्षा अधिकारी सह सचिव, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट (अंग्रेजी माध्यम) विद्यालय समिति बलरामपुर–रामानुजगंज ने कड़ा कदम उठाते हुए शिक्षक की संविदा सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया है
प्राप्त आदेश के अनुसार स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट (अंग्रेजी माध्यम) उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रघुनाथनगर में पदस्थ शिक्षक संविदा पीयूष कुमार वर्मा (अंग्रेजी माध्यम, विषय कला) के विरुद्ध छात्र को शारीरिक दंड देने, विद्यालय अनुशासन भंग करने, मनमानी कार्यप्रणाली तथा शासकीय सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त हुई थीं
मीडिया में प्रकाशित खबर एवं प्राप्त शिकायत के आधार पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी वाड्रफनगर द्वारा मामले की विस्तृत जांच की गई। जांच प्रतिवेदन में यह तथ्य सामने आया कि दिनांक 06 दिसंबर 2024 को कक्षा में प्रश्न का उत्तर नहीं देने पर संबंधित शिक्षक द्वारा छात्रों को डंडे से पीटने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि छात्रों के शरीर पर गहरे चोट के निशान पाए गए
जांच अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार कक्षा सातवीं में चार डंडे तथा कक्षा छठवीं में पांच डंडे मारने की पुष्टि हुई, जिसे छात्र एवं अभिभावकों के बयानों से भी समर्थन मिला
दस्तावेजों के अनुसार शिक्षक के विरुद्ध पूर्व में भी बिना सूचना अनुपस्थित रहने, विद्यालय समय में मनमानी तरीके से आना-जाना, शिक्षक दैनंदिनी संधारण में लापरवाही, उच्च अधिकारियों एवं प्राचार्य के प्रति दुर्व्यवहार जैसे मामलों में कई बार नोटिस जारी किए जा चुके थे, किंतु व्यवहार में सुधार नहीं पाया गया
जांच प्रक्रिया के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर शिक्षक से लिखित जवाब मांगा गया था। प्राप्त जवाब में शिक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों को स्वीकार किया गया, जिससे शिकायतों की पुष्टि और मजबूत हुई
संपूर्ण तथ्यों, जांच प्रतिवेदन और नियमों के उल्लंघन को ध्यान में रखते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 तथा सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के अंतर्गत शिक्षक पीयूष कुमार वर्मा की संविदा सेवा समाप्त (Dismissal) करने का आदेश जारी किया गया
आदेश कलेक्टर एवं अध्यक्ष, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय समिति की अनुमति से जारी किया गया है
बाल अधिकार संरक्षण आयोग भी रहा सक्रिय
उक्त प्रकरण में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, रायपुर द्वारा भी गंभीर संज्ञान लिया गया था और विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब करते हुए संबंधित अधिकारियों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे
इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों की सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, अनुशासनहीनता या अमर्यादित व्यवहार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा



