रायपुर जगदलपुर
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया गया है। पारदर्शिता लाने और राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों पर पूर्णतः अंकुश लगाने के उद्देश्य से खाद्य विभाग ने अब राशन वितरण के लिए ‘बायोमैट्रिक सत्यापन’ को अनिवार्य कर दिया है।
क्या है नई व्यवस्था?
नई व्यवस्था के तहत, राशन की दुकान पर आने वाले हितग्राहियों को मशीन पर अपना फिंगरप्रिंट (अंगूठे का निशान) दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके बिना राशन मिलना अब संभव नहीं होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब तक प्रचलित ‘मोबाइल ओटीपी’ आधारित राशन वितरण प्रणाली को लगभग समाप्त कर दिया गया है।
ओटीपी विकल्प पर सख्त नियम
पहले सर्वर डाउन होने की स्थिति में ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन अब यह विकल्प स्वतः बंद रहेगा। विशेष और अपरिहार्य परिस्थितियों में ही संबंधित उच्च अधिकारियों की अनुमति के बाद ही ओटीपी से राशन वितरित किया जा सकेगा। विभाग का मानना है कि बायोमैट्रिक अनिवार्य होने से फर्जी वितरण पर पूरी तरह रोक लगेगी।
हितग्राहियों के लिए जरूरी निर्देश
ई-केवाईसी अनिवार्य: सभी पात्र परिवारों को अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण रखनी होगी। ई-केवाईसी अधूरी होने की स्थिति में राशन आवंटन प्रभावित हो सकता है।
बीपीएल परिवारों को राहत: बीपीएल परिवारों के मामले में यदि परिवार का मुखिया बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं करा पाता है, तो शेष पात्र सदस्यों के बायोमैट्रिक सत्यापन के आधार पर राशन देने की व्यवस्था बनी रहेगी।
कोटा: राशन कार्ड की विभिन्न श्रेणियों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित कोटा पहले की तरह ही लागू रहेगा।
खाद्य विभाग ने सभी उचित मूल्य की दुकानों को नए नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था से वितरण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी और पात्र हितग्राहियों तक सीधे अनाज पहुँचेगा।


