नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026
केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गौरव को और बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए प्रोटोकॉल के अनुसार, अब सभी आधिकारिक और सरकारी आयोजनों में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन या वादन अनिवार्य होगा।
पूरा 6 छंदों वाला मूल संस्करण होगा अनिवार्य
नए नियमों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब वंदे मातरम का संक्षिप्त नहीं, बल्कि पूरा मूल संस्करण बजाया जाएगा। बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित इस गीत में कुल छह पद हैं, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी। गौरतलब है कि इसमें उन चार छंदों को भी वापस जोड़ा गया है जिन्हें 1937 में औपचारिक संस्करण से हटा दिया गया था।
प्रमुख नियम और दिशा-निर्देश:
किसी भी कार्यक्रम में यदि दोनों शामिल हैं, तो पहले वंदे मातरम होगा और उसके बाद राष्ट्रगान। गायन या वादन के दौरान सभी नागरिकों को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा। स्कूलों में दैनिक प्रार्थना और कार्यक्रमों में इसे बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि छात्रों में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति जागरूकता बढ़े। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सिनेमाघरों पर लागू नहीं होगा; वहां फिल्मों से पहले इसे बजाना अनिवार्य नहीं है।
1875 में रचित वंदे मातरम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का मुख्य उद्घोष रहा है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और देश की सांस्कृतिक विरासत को मुख्यधारा में लाना है।


