यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, अगले आदेश तक 2012 वाले विनियम ही लागू रहेंगे
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में जमीन और मकान की खरीद–फरोख्त से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में स्थावर संपत्ति की गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण को मंजूरी दे दी गई है। जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर तैयार की गई संशोधित गाइडलाइन दरें आज 30 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावशील हो गई हैं।
कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार “छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000” के प्रावधानों के तहत केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में जिला मूल्यांकन समिति रायपुर और कोरबा से प्राप्त स्थावर संपत्ति की गाइडलाइन दरों के वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षण संबंधी प्रस्तावों पर विस्तार से विचार किया गया।
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बैठक के दौरान केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने इन प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान कर दिया। इसके बाद बोर्ड द्वारा स्वीकृत संशोधित गाइडलाइन दरों की प्रतियां संबंधित जिलों के कलेक्टरों और जिला मूल्यांकन समितियों के अध्यक्षों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पुनरीक्षित गाइडलाइन दरें 30 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी। नई दरों के लागू होने के साथ ही प्रदेश में रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी और संपत्ति के बाजार मूल्य पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। माना जा रहा है कि गाइडलाइन दरों के संशोधन से संपत्ति लेन–देन में पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व संग्रह में भी इजाफा होगा।
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गौरतलब है कि गाइडलाइन दरों का उपयोग जमीन और भवन के न्यूनतम मूल्य निर्धारण के लिए किया जाता है, जिसके आधार पर पंजीयन शुल्क और स्टांप शुल्क तय होता है। ऐसे में नई दरों के लागू होने से रियल एस्टेट सेक्टर के साथ-साथ आम लोगों की जेब पर भी इसका असर देखने को मिलेगा।
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