नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने विदेशी नागरिकों की भारत यात्रा को और अधिक सुगम, सरल व व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने देश में ई-वीजा (e-Visa) धारक विदेशी नागरिकों के प्रवेश के लिए 11 और अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स (प्रवेश बिंदुओं) को अधिसूचित कर दिया है।
इस नई व्यवस्था के बाद देश में ई-वीजा धारकों के प्रवेश के लिए उपलब्ध कुल अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स की संख्या 77 से बढ़कर 88 हो गई है। खास बात यह है कि भारत में आने वाले कुल वीजा आवेदनों में से लगभग 78% ई-वीजा के रूप में जारी किए जाते हैं, और सरकार इनमें से 95% से अधिक आवेदनों को 72 घंटे से भी कम समय में प्रोसेस कर देती है।
नए जोड़े गए 11 पोर्ट्स का ब्योरा
अधिसूचित किए गए 11 नए अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स में 2 हवाई अड्डे और 9 लैंड पोर्ट्स (स्थल सीमा बिंदु) शामिल हैं:
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नए शामिल हवाई अड्डे (02): भोपाल और तिरुपति।
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नए शामिल लैंड पोर्ट्स (09): अगरतला, दर्रांगा, गेडे (Gede), घोझाडांगा, हरिदासपुर, जयगांव, डावकी, मोरेह और अटारी (रोड)।
अब कहाँ-कहाँ से मिल सकेगा ई-वीजा से प्रवेश?
अब देश में कुल 88 अधिसूचित प्रवेश बिंदु उपलब्ध हैं, जिनका वर्गीकरण इस प्रकार है:
| पोर्ट का प्रकार | संख्या | मुख्य स्थान/उदाहरण |
| हवाई अड्डे (Airports) | 37 | दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, भोपाल, तिरुपति आदि। |
| बंदरगाह (Seaports) | 38 | मुंद्रा, कांडला, कोचीन, मुंबई, पोर्ट ब्लेयर, न्यू मंगलुरु आदि। |
| लैंड पोर्ट्स (Land Ports) | 13 | अटारी, हरिदासपुर, अगरतला, रक्सौल, जोगबनी, डावकी आदि। |
| कुल पोर्ट्स | 88 |
172 देशों के नागरिकों को 17 उप-श्रेणियों में मिल रहा ई-वीजा
वर्ष 2014 में केवल 43 देशों के लिए शुरू की गई ई-वीजा सुविधा का दायरा अब बढ़कर 172 देशों तक पहुंच चुका है। वर्तमान में ई-वीजा कुल 17 उप-श्रेणियों के तहत जारी किया जाता है:
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पर्यटन व एडवेंचर: टूरिस्ट वीजा और माउंटेनियरिंग (पर्वतारोहण) वीजा।
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बिजनेस (B-1 से B-6): व्यावसायिक गतिविधियों के लिए।
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मेडिकल (M-1 से M-4): इलाज और मेडिकल अटेंडेंट के लिए।
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अन्य: स्टूडेंट वीजा (S-1, S-2), ट्रांजिट वीजा, ग्रुप विज़िटर (क्रूज़) और मिसलेनियस (X-1)।
पर्यटन और वैश्विक कनेक्टिविटी को बढ़ावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में ली गई इस पहल से न केवल देश की आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़ होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और चिकित्सा के क्षेत्र में भारत आने वाले विदेशी नागरिकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।



