बैंक हड़ताल से पहले आज खाते में आएगी सितंबर माह की पेंशन
केंद्रीय पेंशनभोगियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए सितंबर माह की पेंशन व वेतन समय से पहले जारी करने का फैसला लिया गया है। महीने के अंत में 28 से 30 सितंबर तक बैंकों की प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल और 26 सितंबर को चौथे शनिवार के चलते वित्तीय कामकाज प्रभावित होने की आशंका थी। वरिष्ठ नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके मद्देनजर वित्त मंत्रालय के निर्देश पर 25 सितंबर को ही राशि खातों में क्रेडिट की जा रही है।
नियंत्रक महालेखाकार (CGA) के आदेशानुसार रक्षा, डाक, दूरसंचार और रेलवे सहित सभी केंद्रीय विभागों के पेंशनर्स व कर्मचारियों को यह अग्रिम भुगतान प्राप्त होगा। यदि शेष दिनों की गणना में कोई अंतर आता है, तो उसका समायोजन अक्टूबर माह के भुगतान में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सामान्य बैंकिंग कामकाज को सुगम बनाए रखने के लिए 27 सितंबर (रविवार) को भी प्रमुख बैंक शाखाओं को खुला रखने की व्यवस्था की गई है।
पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर: बैंक हड़ताल से पहले 25 सितंबर को मिलेगी सितंबर माह की पेंशन
अनंत चतुर्दशी आज: गणपति बप्पा को विदाई देने का दिन,
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी यानी आज, शुक्रवार 25 सितंबर को देशभर में अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। दस दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव का आज समापन हो रहा है और भक्त भावभीनी आंखों से विघ्नहर्ता भगवान गणेश को अगले बरस जल्दी आने की कामना के साथ विदाई दे रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना के लिए भी अत्यंत फलदायी माना जाता है।
पंचांग के अनुसार, चतुर्दशी तिथि का आरंभ 24 सितंबर की रात 11:18 बजे से हो चुका है, जो 25 सितंबर की रात 11:06 बजे तक प्रभावी रहेगा। उदया तिथि की मान्यता के कारण अनंत चतुर्दशी का पर्व और गणेश विसर्जन आज ही संपन्न किया जा रहा है। विसर्जन के लिए दिनभर कई शुभ चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध हैं, जिनमें प्रातःकाल 6:11 बजे से 10:42 बजे तक, दोपहर में 12:13 बजे से 1:43 बजे तक और शाम को 4:44 बजे से 6:14 बजे तक का समय पूजा और विसर्जन के लिए श्रेष्ठ है। इसके अलावा रात्रि में 9:14 बजे से 10:43 बजे तक तथा 26 सितंबर के तड़के 12:13 बजे से सुबह 4:42 बजे तक भी विसर्जन किया जा सकेगा।
विसर्जन से पूर्व सुबह स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और स्थापित गणपति प्रतिमा की विधिवत अंतिम पूजा करें। बप्पा को फूल, माला, सिंदूर, अक्षत, दूर्वा, मोदक और फल अर्पित कर धूप-दीप से आरती उतारें। धार्मिक परंपरा के तहत विसर्जन से पहले गणपति जी के साथ एक छोटी पोटली (पाथेय यानी यात्रा का भोजन) बांधने का विधान है। इसके लिए लाल या पीले कपड़े में अक्षत, दूर्वा, सुपारी, सिक्का, मोदक और मिठाई बांधकर प्रतिमा के साथ रखें और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।
घर पर विसर्जन करने वाले श्रद्धालु किसी बड़े और साफ पात्र में स्वच्छ जल भरकर उसमें गंगाजल मिलाएं। हाथ में पुष्प लेकर पवित्र नदियों का ध्यान करें और फिर “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों के साथ प्रतिमा को धीरे-धीरे जल में समर्पित करें। इको-फ्रेंडली प्रतिमा के पूरी तरह घुल जाने के बाद उस पवित्र जल और मिट्टी को गमलों या पौधों में विसर्जित किया जा सकता है।
केंद्र सरकार ने प्रमुख खाद्य तेलों पर घटाया आयात शुल्क, सूरजमुखी तेल पर ड्यूटी शून्य
आम उपभोक्ताओं को बढ़ती महंगाई से राहत देने और घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने आयात शुल्क में बड़ी कटौती की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य तेलों के दामों में आई तेजी के असर को कम करने के उद्देश्य से प्रमुख कच्चे खाद्य तेलों पर मूल सीमा शुल्क (Basic Customs Duty – BCD) घटा दिया गया है।
नए आदेश के तहत कच्चे सूरजमुखी तेल (Crude Sunflower Oil) पर सीमा शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। वहीं, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे पाम तेल पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने परिष्कृत (रिफाइंड) तेलों पर भी शुल्क में आनुपातिक कटौती की है, ताकि कच्चे और परिष्कृत तेलों के बीच 19.25 प्रतिशत का शुल्क अंतर बना रहे। इस अंतर को बरकरार रखने का मुख्य उद्देश्य घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को बढ़ावा देना और तैयार रिफाइंड तेलों के अत्यधिक आयात को रोकना है।
कच्चे खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटने से घरेलू बाजार में इनकी लागत में तुरंत कमी आएगी। सरकार ने खाद्य तेल उद्योग और संबंधित संगठनों को एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस टैक्स कटौती का पूरा लाभ आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए। कंपनियों से वितरक मूल्य (PTD) और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में तत्काल संशोधन करने को कहा गया है, जिससे खुदरा बाजार में तेल की कीमतें जल्द नीचे आएंगी। सरकार ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों और घरेलू उद्योग के हितों का संतुलन बना रहे।
छत्तीसगढ़ में आज से शुरू हो रहा ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम:
छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आज, 25 सितंबर से प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के समन्वय से आयोजित होने वाला यह विशेष अभियान 6 अक्टूबर तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य माताओं, बच्चों और स्थानीय समुदाय को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं तथा महिला कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में निर्धारित तिथि पर यह आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित किया जाएगा।
अभियान के पहले दिन आज रायपुर शहरी क्षेत्र सहित बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभागों के विभिन्न केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके बाद निर्धारित रोस्टर के अनुसार 6 अक्टूबर तक सभी जिलों में यह गतिविधि संचालित होगी। कार्यक्रम के दौरान ‘मेरी पौष्टिक थाली’ और पारंपरिक पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इसके साथ ही मौके पर बच्चों और महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, खेलकूद गतिविधियां और जनसहभागिता से ‘न्योता भोज’ का आयोजन किया जाएगा। हर घर पोषण का संदेश देने के लिए ‘घर-घर मुनगा, हर घर मुनगा’ अभियान के तहत पोषण वाटिकाओं में पौधरोपण भी होगा।
इस दौरान महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाएं अपने अनुभव साझा करेंगी, साथ ही छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का नया पंजीयन भी किया जाएगा। महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग परिवार के पोषण सुधार में करने वाली माताओं को ‘पोषण शक्ति सम्मान’ से नवाजा जाएगा। इसके अलावा, मैदानी स्तर पर समर्पित सेवाएं दे रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों को भी सम्मानित किया जाएगा। विभाग ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
फेस्टिव सीजन में ई-कॉमर्स कंपनियों पर FSSAI का बड़ा एक्शन: ऐमजॉन, फ्लिपकार्ट, स्विगी, बिगबास्केट और जेप्टो पर शिकंजा, धतूरे की बिक्री और भ्रामक दावों पर कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में 6,812 शिक्षकीय पदों पर बंपर भर्ती:
छत्तीसगढ़ के शासकीय और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कुल 6,812 शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार, सामान्य शासकीय स्कूलों में 5,000 नियमित पदों पर सीधी भर्ती छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (व्यापम) के जरिए आयोजित की जाएगी, जिसमें ई-संवर्ग के 2,227 और टी-संवर्ग के 2,773 पद शामिल हैं।
इन नियमित पदों में सहायक शिक्षक के 2,292, शिक्षक के 1,654, व्याख्याता के 854 और सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के 200 पद तय किए गए हैं। घोषित परीक्षा कार्यक्रम के तहत सहायक शिक्षक की लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर 2026 को, शिक्षक भर्ती परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को तथा व्याख्याता पदों की परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित होगी। सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) की परीक्षा तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी। सहायक शिक्षक और शिक्षक संवर्ग के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जबकि व्याख्याता पदों के लिए शीघ्र ही ऑनलाइन आवेदन मंगाए जाएंगे।
वहीं दूसरी ओर, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 1,812 संविदा (शैक्षणिक) पदों को भरने के लिए पहली बार केंद्रीकृत कंप्यूटर आधारित (CBT) भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इन संविदा पदों की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना सितंबर माह में जारी की जा रही है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अक्टूबर माह से शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
भारी बारिश का अलर्ट: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी,
मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी और खराब मौसम को देखते हुए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। मध्य प्रदेश के सतना जिले में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सतीश कुमार एस. ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर 25 और 26 सितंबर को नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूलों में दो दिवसीय अवकाश का आदेश जारी किया है। यह आदेश शासकीय, अशासकीय, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय, सीबीएसई और आईसीएसई सहित जिले के सभी मान्यता प्राप्त संस्थानों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बने गहरे अवदाब (Deep Depression) के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने से मध्य भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी है। सतना में 25 और 26 सितंबर को तापमान में गिरावट के साथ भारी बारिश का अलर्ट दर्ज किया गया है, जिसके चलते प्रशासन ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्यों को नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी के इस वेदर सिस्टम के असर से छत्तीसगढ़ में भी मूसलाधार बारिश जारी है। हालात को देखते हुए बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों में 25 सितंबर को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। बीजापुर में प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्तर तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। इस अवकाश के कारण 25 सितंबर को आयोजित होने वाली त्रैमासिक परीक्षाओं की तिथियों में भी बदलाव किया गया है। अब मिडिल स्तर की 25 सितंबर की परीक्षा 28 सितंबर 2026 को और हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी की त्रैमासिक परीक्षा 1 अक्टूबर 2026 को पूर्व निर्धारित समय पर आयोजित की जाएगी।
अब नहीं बिकेगा ‘नकली पनीर’: FSSAI का बड़ा प्रस्ताव
‘भूग्राम’ अभियान में छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय स्तर पर डंका: 99.34% ग्रामीण परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग पूरी, राष्ट्रीय औसत को पछाड़ा
विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण परिसंपत्तियों की पारदर्शी निगरानी और डिजिटलीकरण के लिए संचालित ‘भूग्राम’ (Stage-III) अभियान में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सुदूर वनांचल क्षेत्रों की भौगोलिक विषमताओं और सीमित नेटवर्क कनेक्टिविटी जैसी गंभीर चुनौतियों को पार करते हुए राज्य ने अपनी 99.34 प्रतिशत परिसंपत्तियों का जियो-टैगिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 24 सितंबर 2026 तक जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में निर्मित कुल 11,90,327 परिसंपत्तियों में से रिकॉर्ड 11,82,480 परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग पूरी की जा चुकी है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ राज्य राष्ट्रीय औसत से काफी आगे निकल गया है। देशभर में सृजित कुल 3,23,91,318 परिसंपत्तियों में से 3,01,49,345 की जियो-टैगिंग हुई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर 93.08 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ ने 99.34 प्रतिशत का आंकड़ा छूकर देश के शीर्ष राज्यों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभाग के दुर्गम वनांचल, पहाड़ी इलाकों और कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में यह कार्य तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद मैदानी अमले, पंचायत प्रतिनिधियों और तकनीकी टीम के बेहतर समन्वय से यह मुकाम हासिल हुआ। भूग्राम के जरिए जीआईएस मैपिंग होने से अब ग्रामीण विकास कार्यों में न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी पूरी तरह पुख्ता हो सकेगी।
CBSE बोर्ड परीक्षा 2027: 10वीं और 12वीं के लिए LOC सबमिशन प्रक्रिया आज से शुरू, 21 अक्टूबर तक बिना लेट फीस जमा कर सकेंगे फॉर्म
अब नहीं बिकेगा ‘नकली पनीर’: FSSAI का बड़ा प्रस्ताव,
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देशभर में एनालॉग पनीर के उत्पादन और बिक्री पर सख्त रुख अपनाते हुए इस पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। खाद्य नियामक ने इस संबंध में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (बिक्री पर प्रतिबंध और प्रतिबंधात्मक प्रावधान) विनियमों में संशोधन का मसौदा जारी किया है और जनता व उद्योग जगत से सुझाव मांगे हैं।
नियामक के अनुसार, यह कदम उपभोक्ताओं को भ्रम से बचाने के लिए उठाया गया है। अक्सर गैर-डेयरी सामग्रियों और वनस्पति तेलों से तैयार होने वाले इन एनालॉग उत्पादों को असली पनीर के रूप में बेचा जाता है, जिससे ग्राहकों को उत्पाद की वास्तविक संरचना और गुणवत्ता की सही जानकारी नहीं मिल पाती।
प्रस्तावित नियमों के लागू होने के बाद, जो उत्पाद वर्तमान में ‘डेयरी एनालॉग’ श्रेणी के तहत लाइसेंस या पंजीकृत हैं, वे अपने ब्रांड नाम, लेबलिंग या किसी भी प्रचार सामग्री में ‘पनीर’ शब्द का उपयोग बिल्कुल नहीं कर सकेंगे। आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन के 60 दिनों के भीतर मिलने वाली आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा के बाद इस नए नियम को अंतिम रूप दिया जाएगा।
देशभर में मौसम का रौद्र रूप: 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट, 5 राज्यों में अचानक बाढ़ की चेतावनी
देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की विदाई से पहले मौसम का बेहद आक्रामक और गंभीर रुख देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आज 25 सितंबर को देश के करीब 15 राज्यों में हल्की से लेकर अत्यंत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। मानसून के इस अंतिम चरण में सक्रिय हुए मजबूत वेदर सिस्टम के प्रभाव से कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे सामान्य जनजीवन व्यापक रूप से प्रभावित होने की संभावना बन गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश के इस तीव्र दौर के साथ ही कई इलाकों में गंभीर मौसमी परिस्थितियां बनने वाली हैं। इस दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तीव्र गड़गड़ाहट की पूरी आशंका जताई गई है। इसके अलावा, वायुमंडल में बने दबाव के कारण प्रभावित राज्यों में 40 से लेकर 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। खुले क्षेत्रों और तटीय भागों में इन हवाओं के थपेड़े नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिसको लेकर प्रशासन को विशेष रूप से सतर्क रखा गया है।
गहरे मौसमी तंत्र के असर को देखते हुए मौसम विभाग ने पूर्वी और मध्य भारत के पांच प्रमुख राज्यों के लिए गंभीर संकट की चेतावनी जारी की है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, झारखंड और तटीय आंध्र प्रदेश के निचले व संवेदनशील क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के भीतर अचानक बाढ़ (Flash Flood) आने का हाई अलर्ट दर्ज किया गया है। स्थानीय नदियों, नालों और जलस्रोतों के जलस्तर में तीव्र उछाल आने की आशंका है, जिससे रिहायशी इलाकों में पानी भरने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील जलभराव वाले क्षेत्रों में तुरंत मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मौसम विभाग ने आम नागरिकों और विशेषकर किसानों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी की जा रही आधिकारिक एडवाइजरी का पूरी गंभीरता से पालन करें।

