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छत्तीसगढ़ में प्रवासी मजदूरों के लिए रसोई गैस की सुविधा को और भी आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। अब मजदूरों को गैस कनेक्शन के लिए लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा।
रायपुर: छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्यों या जिलों से आकर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशानुसार, अब इन मजदूरों को 5 किलो का ‘फ्री ट्रेड एलपीजी सिलिंडर’ (FTL) आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा। इस संबंध में राज्य के सभी कलेक्टरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि जमीनी स्तर पर इसका लाभ मजदूरों को मिलना शुरू हो जाए।
आधार और श्रमिक पंजीयन ही काफी
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता है। जो मजदूर अस्थायी रूप से शहरों में रहकर काम करते हैं, वे अब केवल अपने आधार कार्ड और श्रम विभाग द्वारा जारी श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र दिखाकर नया गैस कनेक्शन और रिफिल सिलिंडर प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी जो अक्सर एड्रेस प्रूफ की कमी या बड़े सिलिंडर की ऊंची कीमत के कारण कोयले या लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर थे।
कलेक्टरों को मिली निगरानी की जिम्मेदारी
राज्य शासन ने जिला प्रशासन को इस योजना के कड़े क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और इसका किसी भी तरह से दुरुपयोग न हो। साथ ही, कैंप लगाकर और प्रचार-प्रसार के माध्यम से मजदूरों को जागरूक करने के लिए भी कहा गया है।
पोर्टेबल और सुविधाजनक
5 किलो का यह छोटा सिलिंडर प्रवासी मजदूरों के लिए काफी सुविधाजनक है, क्योंकि इसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना आसान होता है। एलपीजी वितरकों के केंद्रों से सीधे मिलने वाली इस सुविधा से अब मजदूरों की रसोई भी धुएं से मुक्त होगी और उनके समय व स्वास्थ्य की भी बचत होगी।
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