कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से पैसा निकालने वाले कर्मचारियों के लिए टैक्स से जुड़ा एक अहम बदलाव सामने आया है। नए नियम के अनुसार, टैक्स ईयर 2026-27 से PF निकासी पर TDS (Tax Deducted at Source) से छूट का दावा करने के लिए पुराने फॉर्म 15G और 15H की जगह फॉर्म 121 का इस्तेमाल करना होगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है। ऐसे में अगर आप भी अपना PF निकालने की योजना बना रहे हैं, तो नए फॉर्म और उसकी पात्रता से जुड़ी जानकारी जानना जरूरी है।
PF से पैसा निकालने पर क्या बदला?
अब तक पात्र निवासी करदाता PF निकासी पर TDS से छूट का दावा करने के लिए अपनी उम्र और आय के आधार पर फॉर्म 15G या फॉर्म 15H जमा करते थे। लेकिन आयकर अधिनियम, 2025 के तहत टैक्स ईयर 2026-27 से फॉर्म 121 लागू किया गया है।
EPFO की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, EPF से पैसा निकालने पर TDS छूट का दावा करने के लिए अब फॉर्म 121 जमा करना होगा। पुराने फॉर्म 15G और 15H इस उद्देश्य के लिए मान्य नहीं होंगे।
इस बदलाव का मतलब है कि PF खाताधारकों को अब TDS छूट के लिए नया फॉर्म इस्तेमाल करना होगा। इसलिए PF निकासी का आवेदन करने से पहले संबंधित नियमों और फॉर्म की शर्तों को समझ लेना चाहिए।
पहले फॉर्म 15G और 15H का इस्तेमाल कैसे होता था?
पुराने नियमों के तहत फॉर्म 15G और फॉर्म 15H का इस्तेमाल अलग-अलग आयु वर्ग के पात्र करदाताओं द्वारा किया जाता था।
फॉर्म 15G: यह फॉर्म सामान्य तौर पर 60 वर्ष से कम आयु के पात्र निवासी व्यक्तियों के लिए था। इसके जरिए वे निर्धारित शर्तें पूरी होने पर TDS नहीं काटने का अनुरोध कर सकते थे। इसके लिए केवल कुल आय का टैक्स सीमा से कम होना ही पर्याप्त नहीं था; अन्य पात्रता शर्तें भी लागू होती थीं।
फॉर्म 15H: यह फॉर्म 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इसके जरिए वे लागू नियमों और शर्तों के अनुसार TDS से छूट का दावा कर सकते थे।
अब टैक्स ईयर 2026-27 से इन दोनों फॉर्म की जगह फॉर्म 121 का इस्तेमाल किया जाएगा।
Form 121 से PF खाताधारकों को क्या फायदा होगा?
फॉर्म 15G और 15H की जगह एक ही फॉर्म लागू करने का उद्देश्य TDS छूट की प्रक्रिया को सरल बनाना है। इससे पात्र करदाताओं को अपनी उम्र के आधार पर दो अलग-अलग फॉर्म में से किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं होगी।
हालांकि, नया फॉर्म लागू होने का अर्थ यह नहीं है कि हर कर्मचारी को PF निकासी पर अपने आप TDS से छूट मिल जाएगी। फॉर्म 121 जमा करने के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा। यदि कोई खाताधारक पात्र नहीं है, तो केवल फॉर्म जमा करने से TDS से छूट नहीं मिलेगी।
PF निकालने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप PF से पैसा निकालने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखें:
- टैक्स ईयर 2026-27 से TDS छूट के दावे के लिए लागू फॉर्म 121 का इस्तेमाल करें।
- फॉर्म जमा करने से पहले अपनी आय और पात्रता से जुड़ी शर्तों की जांच करें।
- PF निकासी पर TDS लागू होगा या नहीं, यह निकासी की परिस्थितियों और संबंधित टैक्स नियमों पर निर्भर करता है।
- फॉर्म 121 जमा करने से PF निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री होने की गारंटी नहीं मिलती। TDS से छूट और अंतिम आयकर देनदारी अलग-अलग विषय हैं।
क्या PF पर नया टैक्स लगाया गया है?
नहीं, केवल फॉर्म 15G और 15H की जगह फॉर्म 121 लागू होने का मतलब नया टैक्स लगना नहीं है। यह मुख्य रूप से TDS से छूट का दावा करने की प्रक्रिया में बदलाव है। हालांकि, PF निकासी पर टैक्स की वास्तविक देनदारी संबंधित नियमों, सेवा अवधि और निकासी की परिस्थितियों के अनुसार तय होगी।
इसलिए कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि PF निकालने से पहले EPFO की आधिकारिक सूचना और आयकर विभाग के लागू नियमों की जांच कर लें, ताकि गलत फॉर्म जमा करने या TDS को लेकर भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।


