8वें वेतन आयोग की बैठक खत्म… अब तय होगा कर्मचारियों की जेब में कितनी बढ़ेगी रकम!
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर 2026। केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (GPF) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक की तिमाही के लिए GPF और इससे जुड़ी अन्य भविष्य निधियों पर ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने ब्याज दर को पहले की तरह 7.1 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा है।
सरकारी कर्मचारियों को इस बार GPF की ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन सरकार के फैसले से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है। पिछले कई वर्षों से GPF की ब्याज दर लगातार 7.1 प्रतिशत पर बनी हुई है।
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छह साल से नहीं बदली ब्याज दर
सामान्य भविष्य निधि की ब्याज दर में अंतिम महत्वपूर्ण बदलाव वर्ष 2021 में हुआ था। 1 जुलाई 2021 से सितंबर 2021 की तिमाही के लिए भी ब्याज दर 7.1 प्रतिशत निर्धारित की गई थी। इसके बाद से यह दर लगातार इसी स्तर पर बनी हुई है।
इस वर्ष भी जनवरी से मार्च, अप्रैल से जून और जुलाई से सितंबर की अवधि में GPF पर 7.1 प्रतिशत ब्याज दर ही लागू रही। अब अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए भी इसी दर को जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
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इन भविष्य निधियों पर लागू होगी 7.1% दर
GPF की यह ब्याज दर सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवाएं), अंशदायी भविष्य निधि (भारत), अखिल भारतीय सेवा भविष्य निधि, राज्य रेलवे भविष्य निधि, रक्षा सेवाओं से जुड़ी भविष्य निधियों तथा अन्य संबंधित सरकारी भविष्य निधि योजनाओं पर लागू होती है।
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कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है GPF?
GPF सरकारी कर्मचारियों के लिए बचत का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें कर्मचारी अपनी सेवा अवधि के दौरान राशि जमा करते हैं और जरूरत के समय निर्धारित नियमों के तहत इस राशि का उपयोग कर सकते हैं।
बच्चों की शिक्षा, विवाह, मकान निर्माण या भूखंड खरीदने, फ्लैट लेने, पुराने मकान की मरम्मत और आवास ऋण चुकाने जैसी जरूरतों के लिए GPF से निकासी की सुविधा उपलब्ध होती है। नियमों के अनुसार पात्र परिस्थितियों में कर्मचारी अपने GPF खाते से बड़ी राशि निकाल सकते हैं।
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GPF में सालाना जमा की सीमा भी तय
केंद्र सरकार ने GPF में एक वित्त वर्ष के दौरान कुल जमा राशि की सीमा ₹5 लाख निर्धारित की है। इसके तहत कर्मचारी एक वित्त वर्ष में अपने GPF खाते में अधिकतम ₹5 लाख तक राशि जमा कर सकते हैं।
GPF पर बैंक की कई सामान्य बचत योजनाओं की तुलना में आकर्षक ब्याज मिलने के कारण बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी इसमें अपनी बचत का हिस्सा जमा करते हैं। ऐसे में ब्याज दर में बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों की भविष्य की बचत और मिलने वाली राशि पर पड़ सकता है।
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फिलहाल 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए GPF की ब्याज दर 7.1 प्रतिशत ही रहेगी। कर्मचारियों को अगली तिमाही में दर बढ़ने की उम्मीद बनी हुई है।


