रायपुर 13 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य और न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में मध्य भारत के पहले क्लीनिकल फॉरेंसिक लैब का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह लैब देश का 12वां क्लीनिकल फॉरेंसिक लैब है और इसके शुरू होने से फॉरेंसिक जांच के लिए अब दिल्ली और मुंबई पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस लैब के माध्यम से छत्तीसगढ़ अब न केवल अपने राज्य बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी फॉरेंसिक जांच का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां जहर, नशा, ड्रग्स, अल्कोहल और विभिन्न मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की वैज्ञानिक जांच की जाएगी। इस लैब से जारी रिपोर्ट न्यायालय में साक्ष्य के रूप में मान्य होगी, जिससे वर्षों से लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी।
उन्होंने बताया कि अब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट की पेंडेंसी के कारण कई मामलों का निपटारा सालों तक अटका रहता था, लेकिन इस अत्याधुनिक लैब के शुरू होने से आपराधिक मामलों के निराकरण में बड़ा सुधार आएगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय के नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार का भी उद्घाटन किया।
आपराधिक मामलों के निराकरण में मिलेगा सीधा लाभ
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि न्यायपालिका लोगों को न्याय दिलाने का कार्य करती है और बदलते समय के साथ अपराधों की प्रकृति भी बदल रही है। ऐसे में यह क्लीनिकल फॉरेंसिक लैब आने वाले समय में देश के श्रेष्ठ संस्थानों में से एक साबित होगी। यहां एफटीए पेपर के माध्यम से रक्त नमूनों को डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। मेडिको लीगल मामलों में की जाने वाली इन सभी जांचों से पुलिस और न्यायालय को सटीक वैज्ञानिक साक्ष्य मिलेंगे, जिससे अपराधों के निराकरण में मदद मिलेगी।
शराब के अलावा इन मादक पदार्थों की भी होगी जांच
इस लैब में शराब के साथ साथ एम्फेटेमिन, बार्बिटुरेट्स, बेंजोडायजेपिन, कोकीन, मारिजुआना, मेथैम्फेटामाइन, ओपियोड (हेरोइन), फेनसाइक्लिडीन (पीसीपी), मॉर्फिन, मेथाडोन, एक्सटेसी और ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट जैसे मादक पदार्थों की भी वैज्ञानिक जांच की जाएगी।
इस अवसर पर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा, दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील सोनी, चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा जैन, फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र सोनवानी, डॉ. शिवनारायण मांझी, डॉ. महेंद्र साहू, टॉक्सिकोलॉजिस्ट डॉ. कमल साहू सहित विभाग के अन्य फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ यह क्लीनिकल फॉरेंसिक लैब स्वास्थ्य, पुलिस और न्याय व्यवस्था के लिए एक मजबूत वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगा और राज्य को फॉरेंसिक जांच के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।



