रायपुर:
छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार अब तेजी पकड़ रही है, जिसके चलते मौसम विभाग (IMD) ने अगले 4 दिनों तक पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना जताई है। उत्तर छत्तीसगढ़ (North Chhattisgarh) के इलाकों में तो एक से दो जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। अगर कल यानी बुधवार के मौसम की बात करें, तो छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा मैक्सिमम टेम्परेचर राजधानी रायपुर में 32.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सबसे कम मिनिमम टेम्परेचर पेंड्रा रोड में 22.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि अब तक का सब डिविजनल मौसमी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से करीब 17 फीसदी कम चल रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में इसकी भरपाई होने की पूरी उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आज राजधानी रायपुर समेत दुर्ग, बिलासपुर, कोरिया, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जशपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव और कांकेर जैसे जिलों में अच्छी-खासी बारिश होने के आसार हैं। इस बदलते मौसम के पीछे आसमान में एक्टिव कई बड़े ‘सिनॉप्टिक सिस्टम’ (Synoptic Systems) जिम्मेदार हैं। दरअसल, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है, जिससे जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) समुद्र तल से 9.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा, समुद्र तल पर ‘मानसून ट्रफ’ (Monsoon Trough) इस वक्त उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर सीधे उत्तर-पूर्व बांग्लादेश तक फैली हुई है, जो झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरती है। साथ ही, अरब सागर से सिक्किम तक फैली एक और द्रोणिका (Trough) बिहार के रास्ते एक्टिव है, जिसके चलते छत्तीसगढ़ में भारी मात्रा में नमी (Moisture) आ रही है।
इस तगड़े वेदर सिस्टम को देखते हुए छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ने राज्य के उत्तर और मध्य हिस्सों के लिए एक गंभीर चेतावनी (Alert) जारी कर दी है। विभाग ने भारी बारिश, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली के साथ तेज अंधड़ (Thunderstorm) चलने का अलर्ट जारी किया है, जिसमें रायगढ़, बिलासपुर, कोरिया, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। इन डेंजर जोन वाले क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की खतरनाक रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। इसके अलावा, जांजगीर-चांपा, बेमेतरा और कबीरधाम जैसे मैदानी जिलों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की बात कही गई है। खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासनों ने आम जनता से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के दौरान बेवजह घरों से बाहर न निकलें। विशेष रूप से बिजली चमकने की स्थिति में किसी भी पेड़ के नीचे शरण न लें और खुले मैदानों या तालाबों के पास जाने से बचें। खेती-किसानी से जुड़े किसानों को भी सख्त सलाह दी गई है कि वे मौसम की इस खराबी को देखते हुए अपने खेतों में काम करते समय सावधानी बरतें और अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर बांधकर रखें।

