नक्सल प्रभावित बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ को पद्मश्री, समाजसेवा से रचा बदलाव का इतिहास
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के 10 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट और सराहनीय सेवाओं के लिए मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM) से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह प्रतिष्ठित सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जाएगा।
यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों को दिया गया है जिन्होंने वर्षों तक निष्ठा, ईमानदारी और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने और संवेदनशील क्षेत्रों में शांति बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पद्मश्री सम्मान से गौरवान्वित हुआ छत्तीसगढ़, ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताटी सहित तीन विभूतियों के चयन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गर्व
नक्सल विरोधी अभियानों में अहम भूमिका
चयनित अधिकारियों ने वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित इलाकों में प्रभावी नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया है। इसके साथ ही नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर पुलिसिंग और रणनीतिक कार्यप्रणाली के जरिए राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया है। इन्हीं उल्लेखनीय सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।
गणतंत्र दिवस 2026: अशोक चक्र से शुभांशु शुक्ला सम्मानित, 70 जांबाज़ों को वीरता पुरस्कार
मौसम 26 जनवरी: अगले 36 घंटे में 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 70 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी; IMD का बड़ा अपडेट
ये अधिकारी होंगे सम्मानित
मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस से सम्मानित होने वालों में
बिलासपुर रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग,
रायगढ़ के एसपी शशिमोहन सिंह,
रायपुर ग्रामीण की एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा,
एटीएस की एसपी राजश्री मिश्रा,
रायपुर के एडीसीपी तारकेश्वर पटेल,
कमांडेंट निवेदिता पाल,
कमांडेंट मनीषा ठाकुर रावटे,
सहायक पुलिस अधीक्षक उनेजा खातून अंसारी,
सहायक कमांडेंट जायलाल मरकाम
और प्लाटून कमांडर हजारी लाल साहू शामिल हैं।
पद्म से परम विशिष्ट सेवा तक: गणतंत्र दिवस 2026 पर देश के शूरवीरों और विभूतियों को सम्मान
पुलिस मुख्यालय ने जताया गर्व
छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ने सभी चयनित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा है कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे राज्य पुलिस का मनोबल और अधिक सशक्त होगा तथा सेवा भावना को नई ऊर्जा मिलेगी।

