जशपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ, जिला जशपुर द्वारा अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासन के नियमानुसार प्रतिवर्ष 10 दिन का अतिरिक्त अर्जित अवकाश प्रदान किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर को ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने मांग की है कि शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासन के प्रावधानों के अनुरूप यह सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई जाए तथा इस संबंध में स्थायी आदेश जारी किए जाएं।
संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार, सचिव विजय कुमार पैकरा तथा कोषाध्यक्ष अनुपमा कुजूर के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग के आदेश क्रमांक एफ.बी. 11/2/नि-2/चार/82 दिनांक 19 जनवरी 1982 एवं छत्तीसगढ़ शासन के विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पत्र दिनांक 19 सितंबर 2022 के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ सभी श्रेणी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिवर्ष 10 दिन का अतिरिक्त अर्जित अवकाश प्रदान करने का स्पष्ट प्रावधान है। बावजूद इसके जशपुर जिले के शिक्षा विभाग में इस व्यवस्था का समुचित पालन नहीं हो रहा है, जिससे पात्र कर्मचारियों को उनके वैधानिक अधिकार से वंचित होना पड़ रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि जशपुर जिले के शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी, व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक एवं सहायक शिक्षक (प्रयोगशाला) सहित सभी पात्र कर्मचारियों को शासन के नियमों के अनुरूप अतिरिक्त अर्जित अवकाश का लाभ प्रदान करने हेतु आवश्यक प्रशासनिक आदेश जारी किए जाएं, ताकि शासन की मंशा का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रेमी, जिला संरक्षक डॉ. मिथलेश पाठक, कार्यकारी अध्यक्ष मधु पैकरा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दादू प्रसाद चंद्रा, उपाध्यक्ष अजय कुमार, जानकी साहू एवं रामकुमार आदित्य, सह-सचिव मंजू भारती, संगठन प्रमुख आशीष शर्मा, प्रवक्ता सागर विश्वकर्मा, जिला कार्यकारिणी सदस्य बंगला रात्रे, ज्योति चाणक्य एवं मनोहर टोप्पो सहित संगठन के पदाधिकारियों ने इस मांग का समर्थन किया।
संघ की विकासखंड इकाइयों के अध्यक्ष साधना भारती (कांसाबेल), अजय कुमार उरांव (फरसाबहार), नर्मिता नायक (कुनकुरी), देवकी प्रधान (जशपुर), दिव्या ज्योति कुजूर (बगीचा), रविशंकर पैकरा (पत्थलगांव), महेंद्र यादव (मनोरा) तथा पुष्पलाल नेताम (दुलदुला) ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को शासन द्वारा प्रदत्त सुविधाओं का लाभ समयबद्ध रूप से मिलना चाहिए।
छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ ने कहा कि संगठन केवल इस एक मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संघ समय-समय पर शिक्षकों की वरिष्ठता, पदोन्नति, सेवा संबंधी विसंगतियों, स्थानांतरण, अवकाश, विभागीय समस्याओं तथा विभिन्न प्रशासनिक एवं शैक्षणिक मुद्दों को शासन-प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाता रहा है। कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा, सेवा शर्तों में सुधार तथा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संघ लगातार रचनात्मक संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहा है।
संघ के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित विभाग इस महत्वपूर्ण मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक आदेश जारी करेंगे, जिससे अनुसूचित क्षेत्र में कार्यरत हजारों अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके अधिकारों के अनुरूप 10 दिन के अतिरिक्त अर्जित अवकाश का लाभ प्राप्त हो सके।

