छत्तीसगढ़ में मोबाइल टावर लगाने के लिए अब पंचायतों और निकायों की NOC की जरूरत खत्म
छत्तीसगढ़ ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित क्रांति की दिशा में एक बड़ी छलांग लगा रहा है। राज्य सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 2,994.27 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता सफलतापूर्वक स्थापित की जा चुकी है, जो प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित हो रही है।
अरपा भैंसाझार परियोजना में करोड़ों का खेल: राजस्व मंत्री ने स्वीकारी अनियमितता, अब EOW करेगी हिसाब
सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सरकार ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ पर विशेष जोर दे रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश के 31,049 उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवा लिया है, जिससे न केवल उनके बिजली बिलों में भारी कमी आई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
रायपुर में सड़क हादसों ने ली 6,898 जानें
भविष्य की योजनाओं को लेकर सरकार का दृष्टिकोण और भी व्यापक है। शासन ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि आगामी वर्षों में सौर ऊर्जा के दायरे को बढ़ाते हुए इसे 5 लाख उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जाएगा। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तकनीकी सहायता और अनुदान की प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग सौर ऊर्जा को अपना सकें। सौर ऊर्जा की इस बढ़ती क्षमता और सौर रूफटॉप योजना के विस्तार से छत्तीसगढ़ न केवल नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है, बल्कि स्वच्छ और सस्ती बिजली सुनिश्चित करने की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।


