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विशेष संवाददाता | रायपुर

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राज्य में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण रिपोर्ट सामने आई है। विधायक श्री अटल श्रीवास्तव द्वारा पूछे गए ध्यानाकर्षण प्रश्न का लिखित जवाब देते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने पिछले तीन वर्षों में प्रदूषण के स्तर, किए गए उपायों और बजट व्यय का पूरा ब्योरा सदन के पटल पर रखा है। वित्त मंत्री के जवाब के अनुसार राज्य में पिछले तीन वर्षों के दौरान जल एवं वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ नहीं पाया गया है।

बजट आवंटन और व्यय को लेकर स्थिति साफ करते हुए वित्त मंत्री ने सदन में बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के लिए पिछले तीन वर्षों में कोई भी राशि स्वीकृत एवं व्यय नहीं की गई है। इसके साथ ही बिलासपुर जिले एवं कोटा विधानसभा क्षेत्र में भी पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा पर्यावरण, नदी एवं तालाब संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा हरित क्षेत्र विकास के लिए पिछले तीन वर्षों में शून्य राशि स्वीकृत की गई है। इन तीन वर्षों के दौरान केवल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा ही पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के लिए राशि स्वीकृत और व्यय की गई है, जिसकी विस्तृत जानकारी विधानसभा पुस्तकालय में रखे प्रपत्र में दर्ज कराई गई है।

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प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए शासन स्तर पर कई तकनीकी और जमीनी उपाय अपनाए जा रहे हैं, जिसके तहत उद्योगों में इलेक्ट्रो स्टैटिक प्रेसीपिटेटर (ई.एस.पी.), बैग फ़िल्टर, सायक्लोन डस्ट कलेक्टर और वेट स्क्रबर की स्थापना के साथ-साथ धूल को दबाने के लिए लगातार जल छिड़काव किया जा रहा है। औद्योगिक दूषित जल के उपचार के लिए दूषित जल उपचार संयंत्र और घरेलू दूषित जल के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सेप्टिक टैंक एवं सोकपीट की स्थापना की जा रही है ताकि क्षेत्र में शून्य निस्सारण की स्थिति को बनाए रखा जा सके। इसके अलावा पर्यावरण में सुधार के लिए सघन वृक्षारोपण का अभियान चलाया जा रहा है और प्रदूषण कारी उद्योगों का समय-समय पर निरीक्षण कर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित करने के साथ ही वैधानिक कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है। शहरी क्षेत्रों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के माध्यम से सड़कों का डामरीकरण, फुटपाथ निर्माण, वृक्षारोपण, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना, और सड़कों की सफाई हेतु स्वीपिंग मशीन व मिस्टिंग वाहनों की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। पिछले तीन वर्षों के दौरान तैयार की गई परिवेशीय वायु मापन रिपोर्ट और प्रमुख नदियों की जल गुणवत्ता रिपोर्ट की जिलेवार प्रति को भी विधानसभा पुस्तकालय में रखवा दिया गया है।

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