रायपुर। छत्तीसगढ़ को वैश्विक पटल पर निवेश के एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आगामी 3 से 6 अक्टूबर तक सिंगापुर के आधिकारिक प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे सिंगापुर व्यापार महासंघ (Singapore Business Federation) द्वारा आयोजित ‘भारत-सिंगापुर विकास एवं कारोबार सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देना है।
उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जाएंगे मुख्यमंत्री
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के इस विदेश दौरे के आधिकारिक कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सीएम साय 4 से 6 अक्टूबर के बीच सम्मेलन के मुख्य सत्रों में भाग लेंगे। उनके साथ मुख्यमंत्री सचिवालय और उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी सिंगापुर रवाना होगा, जो अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और निवेशकों के साथ तकनीकी व नीतिगत चर्चाएं करेगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी होंगे शामिल
इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के साथ ही अन्य भारतीय राज्यों की आर्थिक क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इसी सम्मेलन में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में सिंगापुर सरकार के मंत्री स्तरीय प्रतिनिधि और दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपति, निवेशक और व्यापारिक संगठनों के प्रमुख मौजूद रहेंगे।
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति और संसाधनों का होगा प्रदर्शन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस दौरे का मुख्य फोकस छत्तीसगढ़ को सिर्फ ‘कच्चे माल का उत्पादक’ मानने की छवि से आगे ले जाना है:
-
वैल्यू एडिशन और मैन्युफैक्चरिंग: सरकार का जोर केवल खनिज दोहन पर नहीं, बल्कि खनिज-आधारित उद्योगों में मूल्य संवर्धन (Value Addition), उच्च तकनीक विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने पर रहेगा।
-
संसाधनों की ताकत: अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष राज्य की प्रचुर खनिज संपदा, 24×7 सरप्लस बिजली, मजबूत कनेक्टिविटी और उद्योग-अनुकूल नीतियों को मजबूती से रखा जाएगा।
-
उभरते क्षेत्र: लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, ग्रीन एनर्जी और नई तकनीक आधारित उद्योगों में वैश्विक कंपनियों को रियायतें और सुविधाएं देने की पेशकश की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से होगा ‘वन-टू-वन’ संवाद
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री साय और प्रशासनिक प्रतिनिधिमंडल अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रमुखों और औद्योगिक घरानों के साथ सीधे संवाद (One-on-One Meetings) करेंगे। इससे छत्तीसगढ़ की सिंगल-विंडो सिस्टम, इज ऑफ डूइंग बिजनेस और उद्योगों को दी जाने वाली सब्सिडी व सुविधाओं की सीधी जानकारी वैश्विक निवेशकों तक पहुंचाई जा सकेगी। सिंगापुर जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र में यह दौरा राज्य के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।

