संगम सेवा दुर्गा पूजा समिति की अनूठी पहल बनी आकर्षण का केंद्र, भक्ति, संस्कृति और उत्साह के संग हर दिन बढ़ रहा प्रतिभागियों का कारवां
जशपुर नगर। नवरात्र के दूसरे दिन संगम चौक, दरबारी टोली में आयोजित निःशुल्क गरबा महोत्सव में उत्साह और उमंग का ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। मां दुर्गा की आराधना, पारंपरिक गरबा और डांडिया की धुन पर लगभग 300 महिलाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पूरे परिसर को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।
संगम सेवा दुर्गा पूजा समिति द्वारा इस वर्ष पहली बार निःशुल्क गरबा महोत्सव की शुरुआत की गई है। आयोजन के शुरुआती दिनों में ही जिस तरह से महिलाओं, बच्चों और युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है, उसने समिति के सदस्यों का उत्साह दोगुना कर दिया है। प्रतिदिन नए प्रतिभागियों का जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि यह पहल लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
भक्ति के साथ संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल
समिति का उद्देश्य केवल गरबा आयोजित करना नहीं, बल्कि नवरात्र के पावन अवसर पर पारंपरिक संस्कृति को प्रोत्साहित करना, महिलाओं एवं बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना और समाज में एकता व सहभागिता की भावना को मजबूत करना है। निःशुल्क प्रशिक्षण एवं आयोजन के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को इस सांस्कृतिक उत्सव से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
हर दिन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी को पुरस्कार
गरबा महोत्सव को और अधिक रोचक बनाने के लिए प्रतिदिन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जा रहा है। इससे प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है और वे पूरे जोश के साथ गरबा एवं डांडिया में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
संगम चौक में सजे इस आस्था और संस्कृति के मंच पर मां दुर्गा की भक्ति के साथ पारंपरिक नृत्य की मनमोहक छटा देखने को मिल रही है। पहले ही वर्ष में मिल रहा लोगों का अपार समर्थन समिति की इस पहल को नई पहचान दे रहा है।
संगम चौक का गरबा महोत्सव अब केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति, सामाजिक एकता और सामूहिक उत्साह का उत्सव बनता जा रहा है। समिति ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस सांस्कृतिक पहल को सफल बनाने की अपील की है।


