भारत में डेंगू से हर साल लाखों लोग प्रभावित होते हैं और मानसून के दौरान इसके मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। ऐसे समय में देश के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत की पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को बाजार में उपयोग की मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों के लिए स्वीकृत है और इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे लगवाने से पहले डेंगू संक्रमण की जांच कराना जरूरी नहीं होगा। इस फैसले को भारत में डेंगू रोकथाम की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
DCGI से मंजूरी के बाद क्या बदलेगा?
Dengue Vaccine India को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। अब DCGI की मंजूरी मिलने के बाद QDENGA भारत की पहली अधिकृत डेंगू वैक्सीन बन गई है। इसे जापान की फार्मा कंपनी Takeda ने विकसित किया है। कंपनी के अनुसार यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रमुख प्रकार (Serotypes) से सुरक्षा देने के लिए तैयार की गई है।
कंपनी का दावा है कि सात वर्षों के फॉलो-अप डेटा में वैक्सीन ने संक्रमण और गंभीर डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम करने में प्रभावी सुरक्षा दिखाई है। भारत जैसे देश में, जहां डेंगू का बोझ दुनिया में सबसे अधिक माना जाता है, यह मंजूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अहम मानी जा रही है।
किसे लगेगी QDENGA वैक्सीन?
DCGI की मंजूरी के अनुसार यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों के लिए स्वीकृत है।
- 4 से 60 वर्ष के लोगों के लिए मंजूर।
- पहले डेंगू हुआ हो या नहीं, दोनों स्थिति में लग सकती है।
- वैक्सीनेशन से पहले डेंगू टेस्ट की जरूरत नहीं।
- कुल 2 डोज दी जाएंगी।
- दोनों डोज के बीच 3 महीने का अंतर होगा।
- त्वचा के नीचे (Subcutaneous) इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी।
WHO और ग्लोबल ट्रायल से मिली मजबूती
QDENGA को पहले ही 40 से अधिक देशों में मंजूरी मिल चुकी है और दुनिया भर में करोड़ों डोज वितरित की जा चुकी हैं। वैक्सीन को WHO की प्रीक्वालिफिकेशन भी मिल चुकी है, जिससे इसकी गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।
भारत में मंजूरी से पहले इस वैक्सीन का मूल्यांकन वैश्विक क्लिनिकल ट्रायल और भारतीय Phase-III अध्ययन के आधार पर किया गया। इन अध्ययनों में हजारों प्रतिभागियों को शामिल किया गया, जिनमें 4 से 60 वर्ष तक के लोग थे। विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू नियंत्रण के लिए वैक्सीन के साथ-साथ मच्छर नियंत्रण, साफ-सफाई और जागरूकता अभियान भी उतने ही जरूरी रहेंगे।
भारत के लिए क्यों है बड़ी उपलब्धि?
भारत हर साल डेंगू के बड़ी संख्या में मामलों का सामना करता है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलभराव और बदलते मौसम के कारण संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पहली डेंगू वैक्सीन को मंजूरी मिलना भविष्य में गंभीर संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने के मामलों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि वैक्सीन मच्छरों से बचाव के उपायों का विकल्प नहीं है, बल्कि उनके साथ मिलकर सुरक्षा को मजबूत करती है।
QDENGA को मिली DCGI की मंजूरी भारत के लिए डेंगू नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यदि वैक्सीन का उपयोग तय दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है, तो यह डेंगू के बढ़ते बोझ को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है। साथ ही मच्छरों से बचाव और स्वच्छता के उपाय जारी रखना भी जरूरी रहेगा। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।
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