मनोरा : शासकीय प्राथमिक शाला पटिया में भाषा शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कविता शिक्षण पर एक दिवसीय डेमो कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में संकुल ओरकेला, अलोरी और गुल्लू के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के भाषा शिक्षकों तथा संकुल समन्वयकों ने सहभागिता की।
कार्यशाला के दौरान बच्चों को कविता से सहज रूप से जोड़ने के लिए बहु-स्तरीय गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। शुरुआत में बच्चों के पूर्व अनुभवों को बातचीत के माध्यम से कविता के विषय से जोड़ा गया। इसके पश्चात पोस्टर के चित्रों पर परिचर्चा, शीर्षक का अनुमान लगाने तथा शीर्षक पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया अपनाई गई। शिक्षकों ने बच्चों के साथ हाव-भाव और अभिनय के साथ कविता का सस्वर गायन किया, जिससे बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए।
कविता की समझ को गहरा करने के लिए वाक्य पट्टी और शब्द कार्ड की मदद से बच्चों से कविता की पंक्तियाँ क्रमबद्ध तरीके से सजवाई गईं और पढ़वाई गईं। इसके अलावा, शब्द जाल के माध्यम से अक्षरों की पहचान कराते हुए नए-नए शब्द बनवाए गए। गतिविधि के दौरान बच्चों ने कविता से तुकांत (Rhyming) शब्द ढूँढे और नए तुकांत शब्द भी बनाए। साथ ही, कविता में आए नए शब्दों (‘मेहमान शब्द’) की पहचान कर सरल उदाहरणों व वाक्यों के माध्यम से उनके अर्थ स्पष्ट किए गए।
डेमो के उपरांत सभी प्रतिभागी शिक्षकों के साथ कविता शिक्षण के विभिन्न चरणों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित शिक्षकों ने डेमो में अपनाए गए चरणों के शैक्षणिक महत्व और बच्चों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की तथा इन प्रभावी तकनीकों को अपनी-अपनी कक्षाओं में लागू करने का संकल्प लिया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति: कार्यशाला में अल्पना देवी (शा.प्रा.शा. पटिया), देवेश प्रधान (शा.प्रा.शा. रुकरुमा), लिली टोप्पो (शा.क.आ.प्रा.शा. पटिया), हेमन्ती तिर्की (शा.प्रा.शा. ओरकेला), सुदामा राम (शा.प्रा.शा. डोंगझरन), महेंद्र राम (शा.प्रा.शा. कुबड़ीबथान), फबियोला एक्का (शा.प्रा.शा. नीचे गुल्लू), पुष्पा अनिता खलखो (शा.प्रा.शा. ऊपर गुल्लू), प्रदीप बरवा (शा.प्रा.शा. झरगांव), सुखराम (शा.प्रा.शा. बोरोकोना), नीलम किंडो (शा.प्रा.शा. मतलोंगा), बालेश्वर राम (शा.मा.शा. पटिया), मुकेश कुमार सिंह (शा.मा.शा. पटिया), संकुल समन्वयक कालेश्वर राम एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन से मुकेश जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

