*बरसात आते ही सड़क बन जाती है तालाब, वर्षों से नाली निर्माण की मांग अधूरी; सीईओ ने तत्काल कार्रवाई का दिया आश्वासन*
संवाददाता उमेश कुमार प्रजापति
सरगुजा जिले के ब्लॉक मुख्यालय बतौली में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत बरसात शुरू होते ही सामने आ जाती है। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 स्थित छाया स्वीट्स से बरपारा तक जाने वाला पहुंच मार्ग हर वर्ष बारिश में जलमग्न हो जाता है। सड़क पर पानी भर जाने से यह मार्ग तालाब का रूप ले लेता है, जिससे स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्षों से जल निकासी की समस्या बनी हुई है,
*लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है*
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरपारा पहुंच मार्ग रिहायशी क्षेत्र होने के कारण यहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। कई घरों के सामने पानी जमा रहने से लोगों का घर से निकलना भी दूभर हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण वर्षों से यह समस्या जस की तस बनी हुई है।
*प्रधानमंत्री सड़क बनी परेशानी का कारण,नाली का नहीं हुआ निर्माण*
बतौली बरपारा मार्ग से ही देवरी पंचायत के लिए भी आवागमन होता है। इसी मार्ग से सरकारी शराब दुकान तक लोगों की आवाजाही रहती है। बताया जा रहा है कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्षों पहले बनाई गई थी, लेकिन सड़क के किनारे जल निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं किया गया।
*परिणामस्वरूप बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है और आवागमन बाधित हो जाता है*
स्थानीय भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता के घर के सामने भी हर वर्ष पानी भर जाता है। उनका कहना है कि सड़क पर जलभराव के कारण उनके परिवार सहित आसपास के लोगों को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
*वर्षों से नहीं निकला स्थायी समाधान रिहायशी क्षेत्र होने के कारण*
बरसाती पानी के साथ-साथ घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी सड़क पर जमा हो जाता है। नाली के अभाव में जल निकासी नहीं हो पाती, जिससे पूरे बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय नागरिकों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
*सीईओ ने दिया कार्रवाई का भरोसा*
इस संबंध में जनपद पंचायत बतौली के सीईओ लक्ष्मीनारायण सिदार ने कहा कि बरपारा मार्ग पर जलभराव की समस्या गंभीर है। जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पंचायत सचिव को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
*अब सवाल यह है कि हर साल बरसात में तालाब बनने वाली इस सड़क को आखिर कब स्थायी समाधान मिलेगा और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि व प्रशासन कब जनता को इस समस्या से निजात दिलाएंगे।*

