नई दिल्ली: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देश भर में सार्वजनिक वाई-फाई (Public Wi-Fi) नेटवर्क के विस्तार और प्रसार को नई गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण परामर्श पत्र (Consultation Paper) जारी किया है। पीआईबी दिल्ली द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस पत्र का मुख्य उद्देश्य वर्तमान नियामक ढांचे की समीक्षा करना और उन चुनौतियों की पहचान करना है जो देश में सार्वजनिक वाई-फाई के बुनियादी ढांचे को बढ़ने से रोक रही हैं। ट्राई ने इस क्षेत्र में तेजी लाने के उपायों पर सभी हितधारकों (Stakeholders) से लिखित टिप्पणियां आमंत्रित की हैं ताकि एक मजबूत और व्यवहार्य डिजिटल इकोसिस्टम तैयार किया जा सके।
इस परामर्श पत्र में अंतरराष्ट्रीय अनुभवों और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का विश्लेषण किया गया है ताकि भारत में नेटवर्क से जुड़े रुझानों और मांग के पैटर्न को बेहतर ढंग से समझा जा सके। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों, शहरी केंद्रों और अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों के लिए केंद्र व राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और निजी संस्थाओं की भूमिका का भी परीक्षण किया गया है। साथ ही, सार्वजनिक वाई-फाई प्रणाली के तहत प्रमाणीकरण, रोमिंग और बिलिंग जैसी तकनीकी समस्याओं की जांच करने के साथ-साथ ऐसे राजस्व मॉडल तलाशने पर जोर दिया गया है जो इस व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बना सकें।
इच्छुक हितधारक इस परामर्श पत्र पर अपनी लिखित टिप्पणियां 25 मई 2026 तक और प्रति-टिप्पणियां 8 जून 2026 तक ट्राई की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से या ईमेल (advbbpa@trai.gov.in) पर भेज सकते हैं। परामर्श पत्र का विस्तृत विवरण ट्राई की वेबसाइट पर उपलब्ध है। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए ट्राई के सलाहकार डॉ. अब्दुल कयूम से संपर्क किया जा सकता है। यह कदम देश के डिजिटल सशक्तिकरण और इंटरनेट कनेक्टिविटी को अंतिम छोर तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।


