राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ देश भर में एक बड़ा और सघन अभियान चलाते हुए भारी मात्रा में नशीली दवाओं की खेप पकड़ी है। डीआरआई ने पिछले 15 दिनों के भीतर देश के विभिन्न राज्यों में खुफिया जानकारी पर आधारित 8 बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया। इन कार्रवाइयों में लगभग 740 किलोग्राम गांजा और चरस जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इस सिलसिले में स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत कुल 13 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त की गई खेप में 709.6 किलोग्राम सामान्य गांजा, 24.5 किलोग्राम विदेशी हाइड्रोपोनिक गांजा और नेपाल से लाई गई 5 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस शामिल है।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में डीआरआई की टीमों ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की। 8 सितंबर को एजेंसी ने रायपुर के ओल्ड धमतारी रोड पर विशाखापत्तनम से आ रहे दो संदिग्ध ट्रकों को घेराबंदी कर रोका। ट्रकों की बारीकी से तलाशी लेने पर लोडिंग एरिया में रखे 10 बोरों के भीतर 61 पैकेटों में छिपाकर रखा गया 375.95 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों ट्रक जब्त कर लिए गए। इससे पहले 26 अगस्त को भी रायपुर के पास एक अन्य ट्रक से 124 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया था, जिसमें एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई थी। रायपुर का यह रूट ओडिशा और आंध्र प्रदेश से उत्तर भारत की ओर होने वाली गांजा तस्करी का प्रमुख केंद्र बनता दिख रहा था, जिस पर एजेंसी ने कड़ा प्रहार किया है।
बिहार के पटना में 5-6 सितंबर को चलाए गए अभियान के दौरान तस्करों ने डीआरआई टीम पर हमला भी कर दिया। औरंगाबाद-पटना हाईवे पर पीछा कर रोके गए एक ट्रक के चालक ने भागने के प्रयास में अधिकारियों पर जानलेवा वार किया, जिसमें एक अधिकारी घायल हो गया। हालांकि, ट्रक की तलाशी में केबिन के पीछे बने एक बेहद शातिर गुप्त तहखाने से 140.5 किलोग्राम गांजे के 90 पैकेट बरामद कर ट्रक को जब्त कर लिया गया। इसी तरह पंजाब के लुधियाना में 1-2 सितंबर को डीआरआई ने एक वाहन के फर्श में बनाए गए विशेष कैविटी से लगभग 69 किलोग्राम गांजा पकड़ा और दो तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा।
तस्करी के लिए रेल और हवाई मार्गों के इस्तेमाल का भी सनसनीखेज खुलासा हुआ है। 3 सितंबर को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर अमरनाथ एक्सप्रेस के जनरल कोच से तीन यात्रियों को पकड़ा गया। इनमें से दो महिलाओं ने अपनी जांघों पर घुटने के आकार के कवर बनाकर और साड़ियों के भीतर 5 किलोग्राम चरस छिपा रखी थी, जिसे नेपाल से तस्करी कर लाया गया था। इसके अलावा, विदेशी नेटवर्क पर वार करते हुए बेंगलुरु और हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर वियतनाम (हनोई) और थाईलैंड (बैंकॉक) से पहुंचे 3 हवाई यात्रियों से 24.6 किलोग्राम हाई-टेक हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया। डीआरआई के इन ऑपरेशनों ने साफ कर दिया है कि तस्कर चाहे सड़क के गुप्त तहखानों का सहारा लें, शरीर पर बांधकर ट्रेन से चलें या हवाई मार्ग अपनाएं, सुरक्षा एजेंसियां हर मोर्चे पर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हैं।

