प्रदेश में सावन की शुरुआत से ठीक पहले अंडों की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। पोल्ट्री फार्म में जहां एक अंडे की कीमत छह रुपये पचानवे पैसे है, वहीं खुदरा बाजारों में यह आठ से नौ रुपये में बिक रहा है। किराना दुकानों पर एक या दो अंडे लेने पर नौ रुपये प्रति अंडा वसूला जा रहा है, जबकि दर्जन के हिसाब से लेने पर यह आठ रुपये की दर से मिल रहा है। कारोबारियों का मानना है कि सावन की शुरुआत के साथ मांग घटने से कीमतों में गिरावट आ सकती है, लेकिन उत्पादन लागत बढ़ने के कारण इस बार दामों में बहुत बड़ी कमी होने की संभावना कम ही है।
छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख अंडा उत्पादक राज्यों में शामिल है, जहां रोजाना करीब अस्सी लाख अंडों का उत्पादन होता है। इसमें से लगभग पैंतालीस से पचास फीसदी अंडे अन्य राज्यों में भेजे जाते हैं, जबकि बाकी की खपत स्थानीय स्तर पर होती है। भीषण गर्मी के दौरान मांग घटने पर उत्पादकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और उत्पादन में कटौती करनी पड़ती है। इस बार गर्मी के कारण रोजाना उत्पादन में बीस लाख अंडों की कमी आ गई थी, हालांकि अब उत्पादन सामान्य स्तर पर पहुंच गया है।
अंडों के दामों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह मुर्गियों के दाने और पोषक तत्वों की लागत में इजाफा होना है। कारोबारियों के अनुसार मुर्गियों के लिए इस्तेमाल होने वाले मक्के का भाव उन्नीस रुपये से बढ़कर छब्बीस रुपये प्रति किलो और कनकी का दाम सोलह रुपये से बढ़कर तेईस रुपये प्रति किलो हो गया है। इसके अलावा विदेशों से आयात होने वाले विटामिन के दाम पांच सौ रुपये से बढ़कर सीधे ग्यारह सौ से बारह सौ रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और युद्ध की वजह से आयातित पोषक तत्वों के दाम दोगुने हुए हैं, जिससे सीधे तौर पर उत्पादन लागत बढ़ गई है।
अक्सर सावन से पहले अंडों की कीमतें गिरने लगती हैं, लेकिन इस बार इसके विपरीत स्थिति देखी जा रही है। किराना व्यापारियों का कहना है कि वेंडर उन्हें खुद आठ रुपये प्रति अंडे की दर से माल पहुंचा रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें मजबूरी में नौ रुपये में बेचना पड़ रहा है। जो दुकानदार थोक मंडियों से सीधे अंडा खरीद रहे हैं, वे आठ रुपये की दर से बिक्री कर पा रहे हैं। पोल्ट्री कारोबारियों के मुताबिक सावन के महीने में मांग कम होने पर कीमतें जरूर कुछ नीचे आएंगी, लेकिन बढ़ी हुई लागत के कारण इस बार बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम है।

