नई दिल्ली/देश:
आज यानी 3 अगस्त 2026 को श्रावण (सावन) मास का पहला सोमवार है। देवाधिदेव महादेव के सबसे प्रिय महीने के पहले सोमवार पर देश के सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और शिवालयों में आस्था का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिल रहा है। ‘हर-हर महादेव’, ‘जय महाकाल’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से पूरा माहौल शिवमय हो चुका है। देश के तीन सबसे बड़े शिव धामों—बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर), काशी विश्वनाथ (वाराणसी) और महाकालेश्वर (उज्जैन) में भक्तों की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ी है।
बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर): 100 किमी पैदल चलकर पहुंचे लाखों कांवरिए
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम (बाबा धाम) में राजकीय श्रावणी मेले की पहली सोमवारी पर अगाध आस्था देखने को मिल रही है। सुल्तानगंज से 108 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर पहुंचे लाखों कांवरियों की 4 से 5 किलोमीटर लंबी कतार लगी हुई है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने ‘अरघा प्रणाली’ लागू की है, जिससे भक्त सुगमता से बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं। तड़के 4:10 बजे मंदिर के पट खुलते ही ‘बोल बम’ के नारों से पूरा देवघर गूंज उठा।
काशी विश्वनाथ धाम (वाराणसी): बाबा का विशेष ‘शंकर स्वरूप’ श्रृंगार
मोक्ष नगरी काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए गंगा घाटों से लेकर मंदिर परिसर तक भक्तों की अटूट कतारें लगी हैं। भक्त स्नान के बाद सीधे गंगा जल लेकर स्पर्श दर्शन और जलाभिषेक के लिए लाइन में लगे हैं। सावन की पहली सोमवारी पर आज बाबा विश्वनाथ का अलौकिक ‘शंकर स्वरूप’ श्रृंगार किया जाएगा। सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए झांकी दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि कम समय में अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें।
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (उज्जैन): भस्म आरती और शाम को निकलेगी पहली सवारी
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में बाबा महाकाल के दरबार में भक्तों का तांता लगा हुआ है। सावन के पहले सोमवार के उपलक्ष्य में महाकाल मंदिर के पट तड़के 2:30 बजे ही खोल दिए गए। इसके बाद बाबा महाकाल की भव्य भस्म आरती की गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। आज शाम 4:00 बजे बाबा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। पालकी में भगवान चंद्रमौलेश्वर रूप में विराजमान होकर बाबा शिप्रा तट (रामघाट) जाएंगे, जहां उनका जलाभिषेक और पूजन किया जाएगा।
सावन का पहला सोमवार आज: बाबा धाम, काशी, उज्जैन और छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक शिवालयों में उमड़ा आस्था का महासैलाब
नई दिल्ली/रायपुर: आज यानी 3 अगस्त 2026 को श्रावण (सावन) मास का पहला सोमवार है। देवाधिदेव महादेव के सबसे प्रिय महीने के पहले सोमवार पर देश के सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और शिवालयों में आस्था का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिल रहा है। ‘हर-हर महादेव’, ‘जय महाकाल’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से पूरा माहौल शिवमय हो चुका है। देश के प्रमुख शिव धामों में तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक शिवालय: भोरमदेव से लेकर घटारानी तक भक्ति की बहार
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक शिव मंदिरों में सावन की पहली सोमवारी पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है:
भोरमदेव मंदिर (कवर्धा – छत्तीसगढ़ का खजुराहो):
11वीं शताब्दी का यह ऐतिहासिक शिव मंदिर सावन के पहले सोमवार को आस्था का केंद्र बना हुआ है। तड़के से ही यहां कांवड़िए और स्थानीय श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक कर रहे हैं। पूरे परिसर में ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं।
राजीव लोचन व कुलेश्वर महादेव (राजिम – छत्तीसगढ़ का प्रयागराज):
महानदी, पैरी और सोढूर नदियों के संगम पर स्थित कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। भक्त पवित्र नदियां में स्नान के बाद बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं।
बूढ़ादेव और हाटकेश्वर महादेव (रायपुर):
राजधानी रायपुर के प्रसिद्ध हाटकेश्वर महादेव (महादेव घाट) पर भोर से ही हजारों श्रद्धालुओं ने खारुन नदी में स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
जटामाई-घटारानी और सिद्धेश्वर मंदिर (पलारी/बालोद):
प्रदेश के अन्य प्रमुख शिव धामों में भी जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।
पूजन मुहूर्त और धार्मिक महत्व
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार आज पूजा के लिए कई दुर्लभ और शुभ योग बने हैं: अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 5:32 बजे से रात 8:30 बजे तक
शास्त्रों के अनुसार सावन सोमवार के दिन जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करने से भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी संकट हर लेते हैं।

