अब और आसान और डिजिटल होगा राशन मिलना: ‘स्मार्ट पीडीएस’ से सुधरेगी सरकारी राशन व्यवस्था, गड़बड़ियों पर लगेगी लगाम
नई दिल्ली। देश के डिजिटल बाजार और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले खतरनाक उत्पादों व रसायनों को लेकर सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा की गई त्वरित हस्तक्षेप और सख्त प्रवर्तन कार्रवाइयों के बाद, देश की कई बड़ी ऑनलाइन संस्थाओं और प्लेटफॉर्म्स ने विस्फोटक पदार्थों व खतरनाक रसायनों से संबंधित सूचियों (लिस्टिंग्स) को अपने प्लेटफॉर्म से हटाना, ब्लॉक और प्रतिबंधित करना शुरू कर दिया है। सरकार की इस बड़ी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और इंटरनेट के माध्यम से खतरनाक पदार्थों तक होने वाली आम लोगों की अनधिकृत पहुंच पर पूरी तरह लगाम लगाना है।
इस सुरक्षा अभियान को और मजबूत बनाने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा इन प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रूप से काम करने वाले और ऐसे उत्पाद बेचने वाले विक्रेताओं की एक विस्तृत सूची भी तैयार की गई है। इस सूची को लागू कानूनों और नियामक प्रावधानों के तहत आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के साथ साझा किया गया है। सरकार की यह संयुक्त कार्रवाई इस प्रतिबद्धता को साफ तौर पर रेखांकित करती है कि देश के डिजिटल बाजारों को हर हाल में उपभोक्ता सुरक्षा मानकों और लागू कानूनों का पालन करना होगा और वे किसी भी विनियमित या जानलेवा सामग्री की अवैध बिक्री को बढ़ावा नहीं दे सकते।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि वह तेजी से बढ़ते और विकसित होते ई-कॉमर्स इकोसिस्टम में अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। प्राधिकरण का मुख्य लक्ष्य देश के डिजिटल बाजार को पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है, ताकि ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले आम नागरिकों के उपभोक्ता अधिकारों की हर स्तर पर रक्षा की जा सके। इस कार्रवाई के माध्यम से सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि मुनाफे के चक्कर में उपभोक्ताओं की सुरक्षा और देश के नियमों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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