CG High Court  : प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक, वरिष्ठता को दरकिनार करने पर सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली:

देश के करोड़ों मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने आम जनता को महंगी दवाओं के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 39 नई जरूरी दवाओं की अधिकतम कीमतें तय कर दी हैं। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने इस फैसले की आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है, जिसके बाद अब ये दवाएं पूरे देश में एक ही तय कीमत पर बिकेंगी और कोई भी कंपनी तय दाम से ज्यादा पैसे नहीं वसूल पाएगी।

New Drug Rules: कफ सिरप और पीने वाली दवाओं पर सरकार का बड़ा एक्शन! 12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी, लागू हुआ नया नियम

सरकार के इस नए आदेश से देश के मध्यम और गरीब वर्ग को सीधा फायदा पहुंचेगा क्योंकि इसमें सामान्य बीमारियों से लेकर बेहद गंभीर और जीवनरक्षक दवाओं के दाम घटाए गए हैं। अब ब्लड प्रेशर, शुगर, दिल की बीमारी, इन्फेक्शन, मिर्गी और आंखों के इलाज से जुड़ी दवाएं पहले से काफी सस्ती मिलेंगी। इसके साथ ही दर्द, एचआईवी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं भी अब बेहद कम कीमत पर उपलब्ध होंगी।

और कब्रिस्तान से बाहर आ गए ‘वो’…! और उगल दिए वो गहरे राज! मंजर देख थर-थर कांप रहा पूरा गांव

अधिसूचना के मुताबिक, कुछ सबसे ज्यादा बिकने वाली दवाओं के दाम तय कर दिए गए हैं, जिसमें ब्लड प्रेशर की कॉम्बिनेशन टैबलेट (एम्लोडिपिन, टेल्मिसार्टन और मेटोप्रोलोल) अब सिर्फ 12.03 रुपये में मिलेगी। वहीं इन्फेक्शन के इलाज में काम आने वाली अमॉक्सिसिलिन और पोटैशियम क्लैवुलानेट टैबलेट की कीमत अलग-अलग फॉर्मूलेशन के हिसाब से 19.53 रुपये और 27.31 रुपये तय की गई है। एचआईवी के इलाज की डारुनाविर, रिटोनाविर और डोल्यूटेग्राविर किट अब 330.40 रुपये में मिलेगी, जबकि दिल के मरीजों के काम आने वाला टेनेक्टेप्लेस 50 मिग्रा का इंजेक्शन अब 60,238.27 रुपये में मिलेगा। इन तय की गई कीमतों पर जीएसटी अलग से लागू होगा और एस्पिरिन तथा मेटफॉर्मिन जैसी कई अन्य जरूरी दवाओं के अधिकतम रेट भी फिक्स कर दिए गए हैं।

IDBI Bank Recruitment 2026: क्या इस बार आपका बैंक ऑफिसर बनने का सपना होगा पूरा? जानिए कौन कर सकता है आवेदन

इस नियम को लेकर सरकार ने दवा कंपनियों और मेडिकल स्टोर संचालकों को कड़ा संदेश दिया है कि मरीजों से मनमानी कीमत वसूलने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। यदि कोई भी मेडिकल स्टोर या कंपनी इन दवाओं को तय रेट से महंगा बेचती है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के कड़े नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ज्यादा वसूली गई पूरी रकम ब्याज के साथ वापस ली जाएगी और मुनाफाखोरी करने वालों को जेल भी जाना पड़ सकता है। यह नियम उन कंपनियों पर भी लागू होगा जो इन दवाओं को किसी नए नाम से बाजार में ला रही हैं।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने एक और बड़ा नियम अनिवार्य कर दिया है, जिसके तहत सभी दवा दुकानदारों और डीलरों को अपनी दुकान के ठीक सामने साफ अक्षरों में नई रेट लिस्ट लगानी होगी। इससे ग्राहक खुद दवाओं के सही दाम देख सकेंगे और किसी भी तरह की ठगी से बच सकेंगे।

NEET 2026 Counselling: क्या MBBS सीटें बढ़ने के साथ बदल जाएगी काउंसलिंग प्रक्रिया? जानिए पूरा अपडेट

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version