भोपाल/इंदौर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से मध्य प्रदेश में महीने भर चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत हो रही है। इस अवसर पर राज्य सरकार इंदौर से महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना 2026’ का राज्यस्तरीय शुभारंभ करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में आबादी भूमि पर रहने वाले 50 लाख से अधिक ग्रामीणों को उनके भूखंड की बिल्कुल मुफ्त (निःशुल्क) रजिस्ट्री कराकर मालिकाना हक दिया जाएगा।
योजना के शुभारंभ अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला मध्य प्रदेश दौरा है।
50 लाख ग्रामीणों को मुफ्त रजिस्ट्री, 3800 करोड़ का खर्च उठाएगी सरकार
ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के स्पष्ट मालिकाना हक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए यह कदम उठाया गया है:
-
निःशुल्क रजिस्ट्री: आबादी भूमि पर काबिज ग्रामीणों से कोई स्टांप ड्यूटी या पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
-
सरकारी वहन: योजना के तहत लगभग 3,800 करोड़ रुपये का पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी।
-
वित्तीय लाभ: डीड ऑफ कन्वेयंस और रजिस्ट्री मिलने के बाद ग्रामीण आसानी से बैंकों से लोन ले सकेंगे, अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे और संपत्ति से जुड़े विवादों का स्थाई समाधान हो सकेगा।
उज्जैन में ऐतिहासिक दीपोत्सव: शिप्रा तट पर प्रज्ज्वलित होंगे 25 लाख दीये
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन शाम को उज्जैन पहुंचेंगे, जहां शाम 7 बजे शिप्रा नदी के तट और ‘श्री महाकाल महालोक’ क्षेत्र में ऐतिहासिक दीपोत्सव आयोजित होगा:
-
25 लाख दीये: शिप्रा के विभिन्न घाटों पर एक साथ 25 लाख से अधिक मिट्टी के दीपक जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
-
महाआरती: इस दौरान शिप्रा तट पर भव्य महाआरती होगी और पूरे प्रदेश में ‘आशीर्वाद का दीपक’ जलाया जाएगा।
-
जनभागीदारी: इस महाआयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरे क्षेत्र को 7 प्रमुख सेक्टरों में बांटा गया है और 25 हजार से अधिक स्वयंसेवक व्यवस्था संभालेंगे।
सीएम मोहन यादव ने दिए चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन से इंदौर और उज्जैन संभाग के कमिश्नरों, कलेक्टर्स और जनप्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इतने बड़े स्तर के आयोजनों में सुरक्षा, अनुशासन, रोशनी और जनसुविधाओं को लेकर कोई कमी न रहे।



