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 नई दिल्ली | 24 मार्च 2026

सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम की प्रभावशीलता को लेकर केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में बेहद सकारात्मक आंकड़े पेश किए हैं। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने एक लिखित उत्तर में जानकारी दी कि देश में आरटीआई आवेदनों की अस्वीकृति (Rejection) दर में पिछले एक दशक में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में जहाँ 7.21 प्रतिशत आवेदन खारिज किए जाते थे, वहीं वर्ष 2024-25 में यह घटकर मात्र 3.26 प्रतिशत रह गई है। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता बढ़ी है और जनता को सूचनाएं देने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सुगम और जवाबदेह हो गई है। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) की वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि सूचना के अधिकार के ढांचे की समीक्षा एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

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डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आरटीआई अधिनियम के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और अपील की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यदि किसी आवेदक को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने आवेदन का उत्तर प्राप्त नहीं होता है, या वह लोक सूचना अधिकारी (PIO) के निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो उसके पास प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील करने का पूरा अधिकार है। इसके बावजूद यदि समाधान नहीं मिलता, तो द्वितीय अपील केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के समक्ष की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, यदि किसी आवेदक को लगता है कि उसे भ्रामक, अधूरी या झूठी जानकारी दी गई है, तो वह सीधे केंद्रीय या राज्य सूचना आयोग (SIC) में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। सरकार की यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि कोई भी अधिकारी सूचना देने के मामले में मनमानी न कर सके।

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पारदर्शिता को और अधिक पुख्ता करने के लिए सरकार ने अब सार्वजनिक प्राधिकरणों द्वारा किए जाने वाले स्वैच्छिक खुलासों की ‘थर्ड-पार्टी पारदर्शिता ऑडिट’ कराने के दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) खुद इस ऑडिट की प्रगति की निगरानी कर रहा है और सभी विभागों से आग्रह किया है कि वे अपनी पारदर्शिता का लेखा-परीक्षण (Audit) नियमित रूप से कराएं। सरकार का मानना है कि इस तरह के सक्रिय उपायों से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि आम नागरिकों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा। आरटीआई पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों और वार्षिक रिपोर्टों के माध्यम से कोई भी नागरिक सार्वजनिक प्राधिकरणों के प्रदर्शन की जांच कर सकता है, जो डिजिटल इंडिया और पारदर्शी शासन की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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sorce- सीआईसी की वेबसाइट का लिंक https://cic.gov.in

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