नई दिल्ली: देश में प्याज की आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने अपने मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत बफर स्टॉक को बाजार में उतारने का निर्णय लिया है। इसके तहत गुरुवार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराया जाएगा। खुदरा बाजार में प्याज की कीमतें 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने और पिछले एक महीने में औसत मूल्य में 28 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज किए जाने के बाद यह हस्तक्षेप किया गया है।
सरकार की ओर से वर्ष 2026 के लिए तैयार किए गए 1.21 लाख टन के कुल बफर स्टॉक में से प्याज की आपूर्ति की जा रही है। इस रियायती प्याज की बिक्री एनसीसीएफ, नेफेड और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स के माध्यम से की जाएगी। एनसीसीएफ दिल्ली में केंद्रीय भंडार की 100 दुकानों के जरिए बिक्री शुरू कर रहा है, जिसे आगे चलकर दिल्ली-एनसीआर के मदर डेयरी केंद्रों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी के अनुसार, आने वाले दिनों में यह राहत कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, रायपुर, भुवनेश्वर और गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों में भी पहुंचाई जाएगी।
दिल्ली और अन्य प्रमुख उपभोग केंद्रों तक त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष रेल सेवाओं का सहारा लिया जा रहा है। महाराष्ट्र के नासिक से 400 टन प्याज लेकर एनसीसीएफ की ‘कांदा एक्सप्रेस’ और नेफेड की 800 टन प्याज वाली पहली विशेष रेल रैक दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है। सरकार के इस कदम की घोषणा के साथ ही महाराष्ट्र के प्रमुख थोक बाजारों जैसे नासिक और लासलगांव में प्याज की थोक कीमतों में नरमी देखने को मिली है, जिससे आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों में भी भारी स्थिरता आने की उम्मीद है।


