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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर जिले के सुप्रसिद्ध तातापानी महोत्सव का मकर संक्रांति के पावन अवसर पर भव्य शुभारंभ किया।
इस महोत्सव को भारतीय संस्कृति, एकजुटता और समृद्धि का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने आस्था और पर्यटन के इस संगम को स्थायी संबल देने के लिए प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री ने तपेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और जिले के विकास के लिए 667 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी।
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विकास की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालय में महिला कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और जिला पंजीयन कार्यालय भवन निर्माण की भी घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि महतारी वंदन, प्रधानमंत्री आवास और श्रीरामलला दर्शन जैसी योजनाओं के माध्यम से हर वादे को पूरी प्रतिबद्धता से निभाया जा रहा है। महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री का एक आत्मीय स्वरूप भी देखने को मिला, जहाँ उन्होंने 60 फीट ऊँची शिव प्रतिमा के साये में बच्चों के साथ पतंग उड़ाई और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत परिणय सूत्र में बंधे 200 नवविवाहित जोड़ों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।
परंपरा और प्रगति के सुंदर संगम को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने स्वयं कुम्हार के चाक पर मिट्टी डालकर शिल्पकारों का मान बढ़ाया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन कर जनजातीय व्यंजनों और डिजिटल नवाचारों की सराहना की। इस गरिमामय समारोह में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद श्री चिंतामणि महाराज सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने इस महोत्सव को छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर और लोक आस्था का जीवंत केंद्र बताया।


